Knews Desk– भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों श्रीलंका दौरे की तैयारियों में जुटी हुई है, जहां उसे दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस सीरीज में टीम इंडिया को सिर्फ विदेशी परिस्थितियों और चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से ही नहीं जूझना होगा, बल्कि एक ऐसी चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा, जो भारतीय क्रिकेट को बेहद करीब से जानती है। यह चुनौती हैं गैरी कर्स्टन, जिन्हें हाल ही में श्रीलंका क्रिकेट टीम का नया हेड कोच बनाया गया है। भारतीय टीम के साथ तीन साल तक काम कर चुके गैरी कर्स्टन अब विरोधी खेमे में हैं और उनकी रणनीति शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
गैरी कर्स्टन का भारतीय क्रिकेट से गहरा नाता रहा है। उन्होंने साल 2008 से 2011 तक टीम इंडिया के मुख्य कोच के रूप में काम किया। उनके कार्यकाल को भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल दौरों में गिना जाता है। उनकी कोचिंग में भारत ने 2011 वनडे विश्व कप का खिताब जीता और टेस्ट क्रिकेट में दुनिया की नंबर-1 टीम बनने का गौरव भी हासिल किया। गैरी कर्स्टन खिलाड़ियों की मानसिक तैयारी, रणनीति और टीम मैनेजमेंट के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि उन्हें भारतीय खिलाड़ियों की ताकत और कमजोरियों की अच्छी समझ है।गैरी कर्स्टन का क्रिकेट से जुड़ाव बचपन से ही रहा है। उनके पिता नोएल कर्स्टन दक्षिण अफ्रीका के प्रतिष्ठित न्यूलैंड्स क्रिकेट ग्राउंड के पिच क्यूरेटर थे। इससे पहले वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट भी खेल चुके थे। क्रिकेट के माहौल में पले-बढ़े गैरी ने एक सफल बल्लेबाज के रूप में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और बाद में कोचिंग में भी बड़ी पहचान बनाई। अब श्रीलंका के हेड कोच बनने के बाद उनकी जिम्मेदारी भारतीय टीम के खिलाफ प्रभावी रणनीति तैयार करने की होगी।
भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज 15 अगस्त से शुरू होगी। पहला मुकाबला गॉल में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में होगा। इससे पहले भारतीय टीम 7 अगस्त से तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार कर सके।हालांकि भारतीय टीम के पास भी युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन है, लेकिन श्रीलंका की घरेलू परिस्थितियां हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही हैं। स्पिन गेंदबाजी, धीमी पिचें और मौसम जैसी परिस्थितियां किसी भी टीम की परीक्षा लेती हैं। ऐसे में गैरी कर्स्टन का अनुभव श्रीलंका के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकता है। भारतीय खिलाड़ियों के खेलने के तरीके, उनकी मानसिकता और मैच के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीतियों से वह भली-भांति परिचित हैं। यही अनुभव उन्हें श्रीलंका की टीम को बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद कर सकता है।
दूसरी ओर, भारतीय टीम की कमान युवा कप्तान शुभमन गिल के हाथों में होगी। उनके लिए यह दौरा कप्तान के तौर पर एक और बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। टीम को चोटिल खिलाड़ियों की कमी भी खल सकती है, ऐसे में युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी निभानी होगी।भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट मुकाबले हमेशा रोमांचक रहे हैं। इस बार भी दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने की उम्मीद है। एक तरफ भारतीय टीम अपनी मजबूत बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी के दम पर सीरीज जीतने उतरेगी, तो दूसरी ओर गैरी कर्स्टन के मार्गदर्शन में श्रीलंका अपने घरेलू मैदान का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगा। ऐसे में यह टेस्ट सीरीज सिर्फ खिलाड़ियों के बीच नहीं, बल्कि रणनीति और अनुभव की भी दिलचस्प जंग साबित हो सकती है।