Knews Desk- जम्मू-कश्मीर में मानसूनी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही तेज बारिश के बीच कई जिलों में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है। नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि कई रिहायशी इलाकों में पानी और मलबा घुसने से घरों, दुकानों और फसलों को नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को किश्तवाड़, पहलगाम, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, शोपियां और गांदरबल समेत कई इलाकों में बादल फटने और भारी बारिश की घटनाएं सामने आईं। कुपवाड़ा में बाढ़ की चपेट में आने से एक महिला की मौत की खबर है। वहीं कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।
शोपियां जिले के ऊपरी इलाकों में बादल फटने के बाद जवोरा, बुदहरहामा और किजरसिंदा में अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए। तेज बहाव के कारण कई रिहायशी क्षेत्रों में पानी घुस गया। एसडीआरएफ की टीम ने स्कूली बच्चों और शिक्षकों समेत करीब 80 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
बाढ़ के कारण कई गांवों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। घरों और दुकानों के साथ खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।

कुपवाड़ा में महिला की मौत, बांदीपोरा में भी बादल फटा
कुपवाड़ा के लोलाब इलाके में बादल फटने के बाद अचानक तेज बहाव आने से एक महिला के बहने की खबर सामने आई। वहीं लगातार बारिश के बीच बांदीपोरा जिले में भी बादल फटने की घटना हुई, जिसके बाद आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया।
पुंछ में बेतार नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से चार लोग पानी के बीच फंस गए। सूचना मिलने पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। देर रात सभी चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
राहत अभियान के दौरान बाढ़ में फंसे करीब 15 मवेशियों को भी बचाया गया। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
राजौरी में उफान पर नदियां, निचले इलाकों में घुसा पानी
राजौरी में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कई निचले इलाकों में पानी घुसने की खबर है। बारिश और तेज बहाव के चलते कुछ जगह पेड़ गिरने और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है। राजौरी और पुंछ के कुछ इलाकों में मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ जैसे पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश के साथ भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। कई जगह सड़कों और संपर्क मार्गों पर असर पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने को कहा गया है।