Knews Desk-पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान कई इलाकों से हिंसा, झड़प और धमकियों की खबरें सामने आ रही हैं। दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर मतदाताओं को धमकाने के आरोप लगे हैं।

जानकारी के मुताबिक, फाल्टा के मतदान केंद्र संख्या 204 से जुड़े एक मतदाता दिलीप मंडल और उनकी मां ने आरोप लगाया है कि वोट डालने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने उन्हें घर में प्रवेश न करने की चेतावनी दी और कहा कि अगर वे घर में घुसे तो उनकी हत्या कर दी जाएगी। इस डर के चलते मां-बेटे ने चुनाव पर्यवेक्षक और आईपीएस अधिकारी Ajay Pal Sharma से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद अधिकारी ने उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया है। हालांकि, इस घटना ने चुनाव के दौरान मतदाताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में भय का माहौल है और कुछ जगहों पर लोग दबाव में आकर वोट डाल रहे हैं। फाल्टा की घटना के अलावा भी राज्य के कई हिस्सों से हिंसा की खबरें सामने आई हैं। चुनावी माहौल को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती बढ़ाई गई है, लेकिन इसके बावजूद छिटपुट घटनाएं जारी हैं। बमबाजी और झड़पों को रोकने के लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद ली जा रही है।
इसी बीच दक्षिण 24 परगना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार विकास सरदार पर भी हमला हुआ है। आरोप है कि उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई और उनके साथ मारपीट की गई। सरदार ने दावा किया कि हमलावरों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और राजनीतिक नारे लगाते हुए हमला किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब एक उम्मीदवार सुरक्षित नहीं है, तो आम मतदाताओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है। चुनाव आयोग और प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है। बावजूद इसके, चुनाव के दौरान सामने आ रही इन घटनाओं ने राज्य में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान जहां एक ओर भारी भागीदारी के साथ जारी है, वहीं दूसरी ओर हिंसा और धमकियों के आरोप चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना रहे हैं।