KNEWS DESK – कांग्रेस ने देशभर में महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों को लेकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी ने अगले कुछ महीनों तक राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने की रणनीति बनाई है, जिसमें शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे।
नई दिल्ली में आयोजित पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनेगी और विभिन्न मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाने की कोशिश करेगी। अभियान के दौरान राष्ट्रीय, राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कांग्रेस का कहना है कि देश में बढ़ती महंगाई, रोजगार की कमी और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने युवाओं और आम लोगों को प्रभावित किया है। पार्टी इन मुद्दों को लेकर सीधे जनता से संवाद करेगी और सरकार पर दबाव बनाएगी। इस अभियान में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भी सक्रिय भागीदारी रहने की बात कही गई है।
बैठक में हालिया राज्यसभा चुनावों और कुछ उम्मीदवारों के नामांकन को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्टी का कहना है कि कुछ मामलों में अलग-अलग उम्मीदवारों के साथ अलग व्यवहार किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि वह राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी। हालांकि पार्टी ने साफ कहा कि वह किसी भी चुनावी प्रक्रिया का बहिष्कार नहीं करेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर रहकर अपनी बात रखेगी।
बैठक के दौरान कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर चल रही अटकलों को भी खारिज कर दिया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस तरह की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और दोनों दलों के विलय पर कोई चर्चा नहीं हुई है।
उधर, राहुल गांधी ने भी चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने कुछ हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधा। कांग्रेस का कहना है कि वह इन मुद्दों को जनता के बीच ले जाएगी और आने वाले समय में देशव्यापी आंदोलन के जरिए अपनी आवाज बुलंद करेगी।