डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का रण अब अपने चरम पर है। जैसे-जैसे मतदान की तारीखें करीब आ रही हैं, सूबे की सियासत का तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है। 26 अप्रैल की शाम कोलकाता के भवानीपुर इलाके में जो कुछ हुआ, उसने चुनावी विश्लेषकों को एक नई बहस छेड़ दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक एक आम नागरिक की तरह सब्जी बाजार जा पहुंचीं, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया ‘झालमुड़ी ब्रेक’ के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
बाजार में ‘दीदी’: सियासत के बीच सादगी का दांव
रविवार शाम अपनी चुनावी रैली से लौटते समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का काफिला अचानक भवानीपुर की एक सब्जी मंडी के पास रुका। सफेद सूती साड़ी और हवाई चप्पल में 71 वर्षीय मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर दुकानदार और खरीदार दोनों दंग रह गए। ममता बनर्जी ने न केवल बाजार का जायजा लिया, बल्कि आम लोगों की तरह मोलभाव करते हुए हरी सब्जियां और ताजे फल भी खरीदे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में सीएम ममता को अपनी टोकरी में सब्जियां डलवाते और स्थानीय विक्रेताओं से उनके हाल-चाल पूछते देखा जा सकता है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इन तस्वीरों को साझा करते हुए इसे “जनता द्वारा संचालित और जन-आधारित नेतृत्व” का प्रतीक बताया है। पार्टी का कहना है कि यह दौरा बंगाल के नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़े रहने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मोदी बनाम ममता: प्रतीकों की लड़ाई
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि ममता बनर्जी का यह दौरा महज संयोग नहीं है। कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी की ‘झालमुड़ी’ खाते हुए तस्वीरें चर्चा का विषय बनी थीं। बंगाल में ‘झालमुड़ी’ और ‘सब्जी बाजार’ सिर्फ खान-पान नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पहचान हैं। ममता बनर्जी ने भवानीपुर में पदयात्रा कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह जमीन से जुड़ी नेता हैं, जबकि बीजेपी को वह ‘बाहरी’ करार देती रही हैं। भवानीपुर में सीएम की यह पदयात्रा इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां बीजेपी ने उनके पुराने सहयोगी और अब सबसे कट्टर प्रतिद्वंद्वी सुवेंदु अधिकारी को चुनावी मैदान में उतारा है। पदयात्रा के दौरान ममता बनर्जी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, “हमने इस्कॉन मंदिर से लेकर जगन्नाथ धाम तक और सेंट जेवियर्स कॉलेज से लेकर इस्लामिया अस्पताल तक, हर समुदाय के लिए काम किया है। उन्होंने समावेशी विकास का कार्ड खेलते हुए मतदाताओं से एकजुट रहने की अपील की।
पीएम मोदी का तीखा पलटवार: “4 मई के बाद हिसाब होगा”
दूसरी ओर, उत्तर 24 परगना के बोंगांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीएमसी सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को ‘जंगल राज’ की संज्ञा देते हुए कहा कि बंगाल की महिलाएं सबसे अधिक असुरक्षित हैं। पीएम ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “4 मई के बाद, बीजेपी सरकार हर एक गुंडे और अपराधी को ढूंढकर जवाबदेह ठहराएगी।”