KNEWS DESK- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में मेटा ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के सीईओ Mark Zuckerberg ने नया AI मॉडल Muse Glimmer पेश किया है। यह 30 बिलियन पैरामीटर वाला ओपन-वेट मॉडल है, जिसे खास तौर पर ऐसे AI एजेंट तैयार करने के लिए बनाया गया है जो सिर्फ सवालों के जवाब देने के बजाय कई चरणों वाले काम खुद कर सकें।
मॉडल की खास बात यह है कि इसे क्लाउड सर्वर पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय डिवाइस पर चलाने के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है। मेटा के मुताबिक, Muse Glimmer को एक सामान्य Mac या PC में सिर्फ एक कंज्यूमर ग्राफिक्स कार्ड की मदद से चलाया जा सकता है।
Agentic AI पर है पूरा फोकस
Muse Glimmer को पारंपरिक चैटबॉट से अलग तरीके से डिजाइन किया गया है। सामान्य AI मॉडल मुख्य रूप से यूजर के सवालों का जवाब देते हैं, जबकि एजेंटिक AI किसी काम को समझकर उसकी योजना बना सकता है, अलग-अलग टूल का इस्तेमाल कर सकता है और कई चरणों में काम पूरा कर सकता है।
मेटा के अनुसार, Muse Glimmer को कोडिंग, फंक्शन कॉलिंग, लोकल फाइल मैनेजमेंट और मल्टी-स्टेप वर्कफ्लो जैसे कामों के लिए तैयार किया गया है। मॉडल किसी कार्य के दौरान अपने आउटपुट को जांचने और जरूरत पड़ने पर गलती से रिकवर करने के लिए भी डिजाइन किया गया है।
स्क्रीन, डॉक्यूमेंट और चार्ट भी समझ सकेगा
Muse Glimmer की एक खास क्षमता इसका मल्टीमॉडल सपोर्ट है। इसमें एक अलग perception encoder दिया गया है, जिसकी मदद से मॉडल टेक्स्ट के साथ-साथ स्क्रीनशॉट, चार्ट और डॉक्यूमेंट जैसी विजुअल जानकारी को भी समझ सकता है। इसका मतलब है कि लोकल AI एजेंट कंप्यूटर स्क्रीन पर मौजूद जानकारी को देखकर उस पर आधारित कार्रवाई करने में सक्षम हो सकता है। इससे भविष्य में ऐसे AI टूल्स के इस्तेमाल का रास्ता खुल सकता है जो कंप्यूटर पर कई काम खुद कर सकें।
24GB VRAM वाले GPU पर चलने का दावा
मेटा ने Muse Glimmer को कम हार्डवेयर में चलाने के लिए मॉडल के वेट्स को लगभग 4-bit precision तक कंप्रेस किया है। कंपनी के मुताबिक, इसके कारण भाषा मॉडल का आकार 20GB से कम हो जाता है। मेटा के चीफ AI ऑफिसर Alexandr Wang के अनुसार, Muse Glimmer को 24GB VRAM वाले GPU पर भी एजेंटिक विश्वसनीयता बनाए रखते हुए चलाया जा सकता है। यह क्षमता उन यूजर्स और डेवलपर्स के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है जो AI मॉडल को अपने कंप्यूटर पर स्थानीय रूप से चलाना चाहते हैं और हर काम के लिए क्लाउड सर्वर पर निर्भर नहीं रहना चाहते।
100 से ज्यादा भाषाओं का सपोर्ट
मेटा के मुताबिक, Muse Glimmer को कंपनी के बड़े Muse Spark मॉडल से मिले आउटपुट पर ट्रेन किया गया है। इसके बाद मॉडल को लंबे कॉन्टेक्स्ट, रीजनिंग, कोडिंग और एजेंटिक टास्क के लिए अतिरिक्त ट्रेनिंग दी गई। मॉडल को टूल यूज, कोडिंग, रीजनिंग और एंड-टू-एंड एजेंट परफॉर्मेंस से जुड़े अलग-अलग बेंचमार्क पर भी टेस्ट किया गया है। यह 100 से ज्यादा भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिससे इसे अलग-अलग भाषाई जरूरतों वाले डेवलपर्स और यूजर्स के लिए उपयोगी बनाने की कोशिश की गई है।
Hugging Face पर उपलब्ध होंगे मॉडल वेट्स
मेटा ने Muse Glimmer के वेट्स को Hugging Face पर उपलब्ध कराया है। इसके अलावा मॉडल को Ollama, LM Studio, llama.cpp, MLX, ExecuTorch, vLLM और SGLang जैसे AI डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म के साथ इस्तेमाल करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। कंपनी मॉडल की हार्डवेयर कंपैटिबिलिटी और परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए AMD, Arm, Dell, Intel और NVIDIA जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर रही है।
जुकरबर्ग बोले- हर किसी को मिलनी चाहिए Superintelligence तक पहुंच
मार्क जुकरबर्ग ने Muse Glimmer को पेश करते हुए ओपन-वेट AI मॉडल्स के प्रति मेटा की प्रतिबद्धता दोहराई। उनका कहना है कि AI की अगली बड़ी उपलब्धियां सिर्फ बड़ी कंपनियों या चुनिंदा लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
मेटा का लक्ष्य ऐसे AI मॉडल विकसित करना है जिन्हें ज्यादा लोग अपने डिवाइस पर इस्तेमाल कर सकें। Muse Glimmer इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है, क्योंकि कम हार्डवेयर जरूरत के साथ लोकल एजेंटिक AI को ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।
कुल मिलाकर, Muse Glimmer का फोकस सिर्फ बातचीत करने वाले AI से आगे बढ़कर ऐसे स्थानीय AI एजेंट तैयार करने पर है, जो कंप्यूटर पर वास्तविक काम कर सकें। अगर मेटा के दावे व्यवहार में भी प्रभावी साबित होते हैं, तो यह लोकल और पर्सनल AI के इस्तेमाल को नई दिशा दे सकता है।