Knews Desk- देश इस साल आजादी की 80वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच रक्षा मंत्रालय ने समारोह से जुड़ा एक अहम ऐलान किया है। इस बार 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा।
हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर देश को संबोधित करेंगे। ध्वजारोहण और प्रधानमंत्री के संबोधन के अलावा समारोह में कई पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। हालांकि, इस बार ‘वंदे मातरम्’ के विशेष गायन को कार्यक्रम में शामिल किए जाने से स्वतंत्रता दिवस समारोह और खास हो गया है।
‘वंदे मातरम्’ का भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बेहद महत्वपूर्ण स्थान रहा है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत आजादी की लड़ाई के दौरान देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन गया था।
स्वतंत्रता संग्राम के दौर में ‘वंदे मातरम्’ के नारों और गायन ने लोगों में राष्ट्रभावना और एकजुटता की भावना को मजबूत करने का काम किया। यही वजह है कि यह गीत आज भी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर होगा खास आयोजन
2026 का स्वतंत्रता दिवस कई मायनों में खास है। देश इस साल आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। ऐसे में लाल किले के मुख्य समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को जगह दिया जाना इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक, 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से होने वाले समारोह में प्रधानमंत्री का संबोधन, ध्वजारोहण और अन्य कार्यक्रमों के साथ ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी होगा।
अब सभी की नजर 15 अगस्त के उस ऐतिहासिक पल पर है, जब लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की गूंज सुनाई देगी।