KNEWS DESK- Google Search और YouTube जैसी सेवाओं का इस्तेमाल करोड़ों लोग बिना सीधे कोई शुल्क दिए करते हैं। इसके बावजूद Google की पैरेंट कंपनी Alphabet का कारोबार अरबों डॉलर का है। इसकी सबसे बड़ी वजह विज्ञापन कारोबार है। इसके अलावा Google Cloud, Workspace, Play Store, YouTube की सब्सक्रिप्शन सेवाएं और Pixel जैसे हार्डवेयर प्रोडक्ट्स भी कंपनी की कमाई के अहम स्रोत हैं।
आज इंटरनेट पर किसी जानकारी को खोजने की बात हो तो Google Search सबसे पहले याद आता है। किसी सवाल का जवाब हो, किसी जगह की जानकारी हो या किसी प्रोडक्ट की कीमत, कुछ ही सेकंड में Google पर सर्च करके जानकारी हासिल की जा सकती है। खास बात यह है कि इस सेवा के लिए आम यूजर से सीधे कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
इसी तरह YouTube पर भी बड़ी संख्या में वीडियो मुफ्त में देखे जा सकते हैं। हालांकि प्लेटफॉर्म पर YouTube Premium जैसी पेड सेवाएं भी मौजूद हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जब Search और YouTube जैसी लोकप्रिय सेवाएं बड़े स्तर पर मुफ्त उपलब्ध हैं, तो Google अरबों रुपये कैसे कमाता है।
Google की शुरुआत 1998 में हुई थी और इसकी पैरेंट कंपनी Alphabet Inc. है। कंपनी की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा विज्ञापन कारोबार से आता है। Google Search पर किसी चीज को सर्च करने के बाद ऊपर दिखाई देने वाले Sponsored Ads इसका एक उदाहरण हैं। कंपनियां अपने प्रोडक्ट और सेवाओं को संभावित ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए Google के विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर पैसा खर्च करती हैं।
विज्ञापन कारोबार में Google Ads और AdSense जैसी सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। Google Ads के जरिए कंपनियां अपने विज्ञापन Search और दूसरे प्लेटफॉर्म पर दिखाती हैं। वहीं AdSense के जरिए दूसरी वेबसाइट्स और ऐप्स पर Google के विज्ञापन प्रदर्शित किए जाते हैं। विज्ञापन दिखाने के लिए किन यूजर्स तक पहुंचना है और किस जगह विज्ञापन दिखाना है, इसके लिए Google के सिस्टम और एल्गोरिदम काम करते हैं।
YouTube भी Google के विज्ञापन कारोबार का बड़ा हिस्सा है। प्लेटफॉर्म पर वीडियो के दौरान, वीडियो से पहले या दूसरे स्थानों पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों से कमाई होती है। इसके अलावा YouTube Premium जैसी सब्सक्रिप्शन सेवाओं से भी कंपनी को राजस्व मिलता है।
Google का बिजनेस मॉडल केवल विज्ञापनों तक सीमित नहीं है। कंपनी Google Cloud के जरिए कारोबार और संस्थानों को क्लाउड कंप्यूटिंग, स्टोरेज और दूसरी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराती है। इन सेवाओं के लिए ग्राहक भुगतान करते हैं। इसी तरह Google Workspace में Gmail, Google Drive, Google Meet, Google Docs, Google Sheets, Google Slides और दूसरी सुविधाएं शामिल हैं, जिनके बिजनेस और पेड प्लान उपलब्ध हैं।
Google Play Store भी कंपनी की कमाई का एक स्रोत है। Android डिवाइस पर ऐप्स और डिजिटल कंटेंट की खरीदारी के दौरान Google को राजस्व मिलता है। कुछ ऐप्स और डिजिटल सेवाओं में होने वाले लेनदेन से भी कंपनी को हिस्सा प्राप्त होता है।
इसके अलावा Google हार्डवेयर कारोबार से भी कमाई करता है। कंपनी Pixel स्मार्टफोन, Pixel Watch, Pixel Buds और दूसरे डिवाइस बेचती है। इन प्रोडक्ट्स की बिक्री भी Alphabet के कारोबार में योगदान देती है। दरअसल, Google का मॉडल इस बात पर आधारित है कि यूजर्स को कई डिजिटल सेवाएं मुफ्त या सीमित मुफ्त रूप में उपलब्ध कराई जाएं और इनके बड़े यूजर बेस के जरिए विज्ञापन, सब्सक्रिप्शन और दूसरी पेड सेवाओं का कारोबार किया जाए। यही वजह है कि यूजर को Google Search पर सर्च करने के लिए अलग से पैसे नहीं देने पड़ते, लेकिन उसी Search पर दिखने वाले विज्ञापनों के जरिए कंपनी कमाई कर सकती है।
इस तरह Google की कमाई किसी एक सेवा पर निर्भर नहीं है। Search और YouTube के विज्ञापनों से लेकर AdSense, Cloud, Workspace, Play Store, सब्सक्रिप्शन और हार्डवेयर तक कंपनी के पास कमाई के कई अलग-अलग स्रोत हैं। यही पूरा मॉडल Google जैसी इंटरनेट कंपनी को मुफ्त सेवाओं के बड़े नेटवर्क के बावजूद बड़े स्तर पर राजस्व कमाने में मदद करता है।