Knews Desk– आजकल डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर रेस्टोरेंट में बिल चुकाने और दुकानों पर खरीदारी करने तक, कार्ड से भुगतान करना काफी आसान हो गया है। लेकिन परेशानी तब बढ़ जाती है, जब अचानक पर्स से कार्ड गायब हो जाए या वह चोरी हो जाए। ऐसी स्थिति में लापरवाही बरतना भारी पड़ सकता है, क्योंकि कार्ड का गलत इस्तेमाल करके आपके खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं या अनधिकृत भुगतान किया जा सकता है। इसलिए कार्ड खोने का पता चलते ही सबसे पहले उसे ब्लॉक कराना चाहिए।
अगर आपका डेबिट या क्रेडिट कार्ड खो गया है, तो इसके लिए बैंक की शाखा में जाने की जरूरत नहीं है। आप अपने बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप से भी कार्ड ब्लॉक कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले बैंकिंग ऐप में लॉगिन करें और Cards या Card Services सेक्शन में जाएं। यहां अपने कार्ड के आखिरी चार अंकों से सही कार्ड की पहचान करें। इसके बाद Manage Card, Block Card या इससे मिलता-जुलता विकल्प चुनें। अगर कार्ड खो गया है या चोरी हुआ है, तो उसे स्थायी रूप से ब्लॉक करने का विकल्प चुनें। जरूरत पड़ने पर नए कार्ड के लिए रीइश्यू का अनुरोध भी कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंक से मिलने वाला कन्फर्मेशन मैसेज जरूर चेक करें।
अगर आपके फोन में बैंकिंग ऐप उपलब्ध नहीं है, तो इंटरनेट बैंकिंग भी मददगार साबित हो सकती है। इसके लिए बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने खाते में लॉगिन करें। फिर Cards सेक्शन में संबंधित कार्ड चुनें और उसे ब्लॉक करने की रिक्वेस्ट दें। अलग-अलग बैंकों में विकल्पों के नाम और प्रक्रिया अलग हो सकती है, इसलिए स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करें। हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें।कुछ बैंक SMS के जरिए भी कार्ड ब्लॉक करने की सुविधा देते हैं। हालांकि, इसके लिए हर बैंक का अलग फॉर्मेट और नंबर हो सकता है। इसलिए SMS भेजने से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर इसकी जानकारी जरूर जांच लें। किसी अनजान नंबर पर अपने कार्ड की जानकारी भेजने से बचें।
कार्ड ब्लॉक कराने के बाद एक और जरूरी काम है बैंक अकाउंट के हालिया ट्रांजैक्शन की जांच करना। अगर कोई ऐसा भुगतान दिखाई देता है, जिसे आपने नहीं किया है, तो तुरंत बैंक को इसकी जानकारी दें और अनधिकृत ट्रांजैक्शन की शिकायत दर्ज कराएं। भारत में वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी संपर्क किया जा सकता है। शिकायत करने में देरी न करें, क्योंकि समय पर सूचना देना महत्वपूर्ण हो सकता है।कार्ड खोने के बाद अगर कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी बनकर फोन करे और OTP, PIN, CVV या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड मांगे, तो ऐसी जानकारी बिल्कुल साझा न करें। बैंक से संपर्क करने के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें। याद रखें, कार्ड खोने की स्थिति में तुरंत उसे ब्लॉक कराना, ट्रांजैक्शन की निगरानी करना और संदिग्ध गतिविधि की शिकायत करना आपके पैसों को सुरक्षित रखने के सबसे जरूरी कदम हैं।