KNEWS DESK- गर्मियों में राहत देने वाला एयर कंडीशनर आज लगभग हर घर की जरूरत बन चुका है। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि ज्यादातर एसी सफेद रंग के ही क्यों होते हैं? बाजार में कई इलेक्ट्रॉनिक सामान अलग-अलग रंगों में मिलते हैं, लेकिन एयर कंडीशनर की इनडोर और आउटडोर यूनिट में सफेद रंग का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है।
इसके पीछे सिर्फ डिजाइन नहीं बल्कि कई वैज्ञानिक और व्यावहारिक कारण भी जुड़े हुए हैं। कंपनियां एसी के लिए सफेद रंग को इसलिए पसंद करती हैं क्योंकि यह रंग गर्मी, लागत और रखरखाव जैसे कई पहलुओं में बेहतर माना जाता है।
एयर कंडीशनर की आउटडोर यूनिट अक्सर घर के बाहर धूप में लगी होती है। ऐसे में अगर उसका रंग गहरा होगा तो वह सूरज की किरणों से ज्यादा गर्मी अवशोषित कर सकता है। वहीं सफेद रंग प्रकाश और गर्मी को ज्यादा रिफ्लेक्ट करता है, जिससे यूनिट पर गर्मी का असर अपेक्षाकृत कम पड़ता है। इससे एसी की कार्यक्षमता बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
एसी बनाने वाली कंपनियां अगर एक ही रंग के ज्यादा मॉडल तैयार करती हैं तो उत्पादन प्रक्रिया आसान हो जाती है। एक ही रंग के पेंट, डिजाइन और मटेरियल का इस्तेमाल करने से लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। अगर हर मॉडल को अलग-अलग रंग में बनाना पड़े तो उत्पादन खर्च बढ़ सकता है, जिसका असर प्रोडक्ट की कीमत पर भी पड़ सकता है।
सफेद रंग को न्यूट्रल कलर माना जाता है। यह घर की दीवारों, फर्नीचर और अन्य सजावट के साथ आसानी से मैच हो जाता है। यही वजह है कि कंपनियां ऐसा रंग चुनती हैं जो ज्यादातर लोगों के घरों में अच्छा लगे।
एसी ऐसी जगह लगाया जाता है जहां धूल जमा होना सामान्य बात है। गहरे रंग जैसे काला या डार्क ग्रे पर धूल और छोटे स्क्रैच जल्दी नजर आ सकते हैं। इसके मुकाबले सफेद रंग पर हल्की धूल या छोटे निशान कम दिखाई देते हैं, जिससे एसी लंबे समय तक साफ और बेहतर दिख सकता है।
क्या दूसरे रंगों में एसी नहीं आते?
ऐसा नहीं है कि सिर्फ सफेद रंग में ही एसी बनाए जाते हैं। कुछ कंपनियां ब्लैक, ग्रे और दूसरे डिजाइन वाले एसी भी पेश करती हैं। हालांकि, सफेद रंग की उपयोगिता और ग्राहकों की पसंद के कारण यह आज भी सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला रंग बना हुआ है। इस तरह एयर कंडीशनर का सफेद रंग सिर्फ एक डिजाइन पसंद नहीं बल्कि गर्मी नियंत्रण, लागत बचत और आसान रखरखाव जैसे कई कारणों का परिणाम है।