Knews Desk- फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब दक्षिण अमेरिकी टीम इक्वाडोर ने चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को 2-1 से हराकर इतिहास रच दिया। ग्रुप-ई के इस रोमांचक मुकाबले में मिली जीत के साथ इक्वाडोर ने राउंड ऑफ 32 यानी नॉकआउट चरण के लिए अपनी जगह पक्की कर ली। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में इक्वाडोर ने शानदार वापसी करते हुए दुनिया की मजबूत टीमों में शुमार जर्मनी को चौंका दिया।
मैच की शुरुआत जर्मनी के पक्ष में रही। मुकाबले के दूसरे ही मिनट में स्टार खिलाड़ी लेरॉय साने ने गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, इस गोल से पहले हुए एक कथित फाउल को लेकर इक्वाडोर के खिलाड़ियों ने रेफरी के फैसले पर नाराजगी जताई। बावजूद इसके टीम ने संयम बनाए रखा और कुछ ही देर बाद शानदार वापसी की।पहले हाफ के दौरान इक्वाडोर के विंगर निल्सन एंगुलो ने लगभग 20 गज की दूरी से बेहतरीन शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया। जर्मनी के अनुभवी गोलकीपर मैनुअल न्यूअर भी इस शॉट को रोक नहीं सके और स्कोर 1-1 से बराबर हो गया। इस गोल के बाद इक्वाडोर का आत्मविश्वास बढ़ गया और उसने लगातार जर्मनी के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा।
दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। जर्मनी के कोच जूलियन नागेल्समैन ने कई रणनीतिक बदलाव किए, लेकिन इक्वाडोर की मजबूत रक्षापंक्ति और तेज आक्रमण के सामने उनकी टीम प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर सकी। मुकाबले के 77वें मिनट में इक्वाडोर को कॉर्नर मिला, जिसका उसने शानदार फायदा उठाया। केविन रोड्रिग्ज के हेडर के बाद गोंजालो प्लाटा ने नजदीक से गेंद को गोल में पहुंचाकर टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। अंत तक यही स्कोर कायम रहा और इक्वाडोर ने टूर्नामेंट की सबसे बड़ी जीतों में से एक अपने नाम कर ली।इस जीत के साथ इक्वाडोर उन आठ सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों में शामिल हो गया, जिन्होंने नॉकआउट चरण में प्रवेश किया। यह विश्व कप इतिहास में दूसरी बार है जब इक्वाडोर नॉकआउट दौर तक पहुंचने में सफल रहा है। टीम के खिलाड़ियों ने पूरे मैच में अनुशासन, आत्मविश्वास और शानदार टीमवर्क का प्रदर्शन किया।
हालांकि इस हार के बावजूद जर्मनी के अभियान पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। टीम ग्रुप-ई में शीर्ष स्थान पर रही और पहले ही अगले दौर के लिए क्वालिफाई कर चुकी थी। अब जर्मनी राउंड ऑफ 32 में किसी तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम का सामना करेगी। गौरतलब है कि 2014 में विश्व कप जीतने के बाद जर्मनी लगातार दो संस्करणों में ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई थी। इस बार टीम ने नॉकआउट में जगह तो बना ली है, लेकिन इक्वाडोर के खिलाफ मिली हार ने उसकी तैयारियों और प्रदर्शन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
इक्वाडोर की इस ऐतिहासिक जीत ने यह साबित कर दिया कि फुटबॉल में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता। विश्व कप जैसे बड़े मंच पर आत्मविश्वास, सही रणनीति और जुझारूपन के दम पर कोई भी टीम बड़ा उलटफेर कर सकती है। अब सभी की नजरें नॉकआउट मुकाबलों पर होंगी, जहां इक्वाडोर अपनी इस शानदार लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगा।