Knews Desk: दलीप ट्रॉफी 2026 का पहला सेमीफाइनल ईस्ट जोन और डिफेंडिंग चैंपियन सेंट्रल जोन के बीच रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। मुकाबले में ऐसा संयोग बना है कि अगर मैच ड्रॉ रहता है तो फाइनल में पहुंचने वाली टीम का फैसला सामान्य तरीके से नहीं, बल्कि सिक्का उछालकर किया जा सकता है। बीसीसीआई के नियमों के तहत इस मुकाबले में टॉस के जरिए विजेता चुनने की नौबत आ सकती है।
सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल में दोनों टीमों ने पहली पारी में 266-266 रन बनाए। सेंट्रल जोन की पहली पारी 266 रनों पर खत्म हुई, जिसके जवाब में ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम भी इसी स्कोर पर ऑलआउट हो गई। पहली पारी में दोनों टीमों के रन बराबर होने के कारण किसी भी टीम को बढ़त नहीं मिली। ऐसे में मुकाबले का नतीजा तय करने के लिए बीसीसीआई के दूसरे नियमों का सहारा लेना होगा।
घरेलू रेड-बॉल नॉकआउट मुकाबलों में आमतौर पर मैच ड्रॉ होने पर पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को विजेता माना जाता है और वह अगले दौर में पहुंचती है। लेकिन यहां दोनों टीमों का पहली पारी का स्कोर बराबर है। इसलिए यह नियम लागू नहीं हो सकता। इसके बाद औसत स्कोर के नियम से विजेता तय करने का विकल्प आता है।औसत स्कोर का नियम टीम के बनाए कुल रनों को उसके गंवाए विकेटों से विभाजित करके तय किया जाता है। हालांकि, इस नियम को लागू करने के लिए दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम का कम से कम 60 ओवर तक बल्लेबाजी करना जरूरी है। इस मुकाबले में ईस्ट जोन की टीम 60 ओवर पूरे होने से पहले ही ऑलआउट हो गई। ऐसे में औसत स्कोर का नियम भी लागू नहीं किया जा सकता।
यही वजह है कि अब मैच का नतीजा एक बेहद असामान्य स्थिति में पहुंच सकता है। अगर मुकाबले की चौथी पारी समाप्त होने तक कोई भी टीम जीत दर्ज नहीं कर पाती है और मैच ड्रॉ हो जाता है, तो फाइनलिस्ट तय करने के लिए टॉस कराया जा सकता है। यानी सिक्का उछाला जाएगा और टॉस जीतने वाली टीम को फाइनल में जगह मिल सकती है।क्रिकेट में किसी बड़े घरेलू टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबले में टॉस के जरिए फाइनलिस्ट तय होना अपने आप में बेहद दुर्लभ स्थिति है। आम तौर पर नॉकआउट मैच में परिणाम निकालने के लिए पहली पारी की बढ़त या अन्य निर्धारित मानदंडों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इस मुकाबले में पहली पारी बराबर रहने और औसत स्कोर का नियम लागू नहीं होने के कारण स्थिति अलग हो गई है।
ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि सेंट्रल जोन मौजूदा चैंपियन है, जबकि ईस्ट जोन की कमान ईशान किशन संभाल रहे हैं। दोनों टीमों के बीच मुकाबला बराबरी का रहने से सेमीफाइनल का रोमांच और बढ़ गया है।अब दोनों टीमों की कोशिश यही होगी कि मैच को किसी भी तरह ड्रॉ की स्थिति तक पहुंचने से रोका जाए और चौथी पारी में जीत हासिल की जाए। अगर कोई टीम लक्ष्य हासिल कर लेती है तो मामला वहीं खत्म हो जाएगा। लेकिन यदि मुकाबला बिना किसी निर्णायक नतीजे के समाप्त होता है, तो क्रिकेट प्रेमियों को एक बेहद अनोखा दृश्य देखने को मिल सकता है—फाइनल में पहुंचने वाली टीम का फैसला मैदान पर प्रदर्शन के बजाय सिक्का उछालकर होगा।