KNEWS DESK- सावन 2026 में 30 जुलाई से शुरू होगा पवित्र श्रावण मास, जानिए कब और कैसे करें 16 सोमवार व्रत का शुभारंभ

हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन शिव भक्त व्रत रखकर और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। वहीं, 16 सोमवार का व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने वाले सबसे प्रभावशाली व्रतों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं, दांपत्य जीवन सुखमय बनता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
कब से शुरू करें 16 सोमवार व्रत?
वैदिक पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से होगी और इसका समापन 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ होगा। ज्योतिष और धर्मशास्त्रों के अनुसार, सावन माह भगवान शिव को समर्पित होता है, इसलिए इसी पवित्र माह में 16 सोमवार व्रत की शुरुआत करना अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रद्धालु सावन के पहले सोमवार से इस व्रत का संकल्प लेकर इसे लगातार 16 सोमवार तक पूरा कर सकते हैं।
क्या है 16 सोमवार व्रत का महत्व?
मान्यता है कि 16 सोमवार व्रत करने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत विशेष रूप से अविवाहित युवक-युवतियों के लिए लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इससे मनचाहा जीवनसाथी मिलने की कामना पूर्ण होती है। वहीं विवाहित लोग इस व्रत को परिवार में सुख, शांति और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करते हैं।
16 सोमवार व्रत की पूजा विधि
व्रत के दिन प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान पर भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शिवलिंग का गंगाजल, शुद्ध जल और कच्चे दूध से अभिषेक करें। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद पुष्प, चंदन और अक्षत अर्पित करें। पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और 16 सोमवार व्रत कथा का पाठ या श्रवण अवश्य करें। अंत में शिव आरती कर प्रसाद वितरित करें।
व्रत के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
व्रत के दौरान सात्विक भोजन ग्रहण करें और तामसिक वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। झूठ, क्रोध, विवाद और किसी के अपमान से बचें। मन, वचन और कर्म की पवित्रता बनाए रखना इस व्रत की सफलता के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।
सावन में व्रत शुरू करना क्यों माना जाता है शुभ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन माह में भगवान शिव पृथ्वी पर अपने भक्तों की प्रार्थनाओं को विशेष रूप से स्वीकार करते हैं। इस दौरान किए गए जप, तप, व्रत और दान का कई गुना फल प्राप्त होता है। इसलिए सावन में शुरू किया गया 16 सोमवार व्रत न केवल आध्यात्मिक उन्नति देता है, बल्कि जीवन की कई समस्याओं से मुक्ति दिलाने वाला भी माना जाता है।