अधिकमास में कब है भानु सप्तमी 2026? 7 या 8 जून, जानें सही तिथि, पूजा विधि और महत्व

KNEWS DESK- अधिकमास में पड़ने वाली भानु सप्तमी को सूर्य उपासना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। जानिए इस साल यह व्रत 7 जून को मनाया जाएगा या 8 जून को, साथ ही पढ़ें पूजा का शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व और दान की महिमा।

सनातन धर्म में भगवान सूर्य को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। उनकी आराधना से व्यक्ति को स्वास्थ्य, ऊर्जा, यश और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जब सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है तो उसे भानु सप्तमी या सूर्य सप्तमी कहा जाता है। वर्ष 2026 में अधिकमास के दौरान आने वाली भानु सप्तमी को लेकर श्रद्धालुओं के बीच तिथि को लेकर भ्रम बना हुआ है कि यह 7 जून को मनाई जाएगी या 8 जून को।

पंचांग के अनुसार, अधिकमास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि 7 जून 2026 को सुबह 2:40 बजे प्रारंभ होगी और 8 जून 2026 को सुबह 3:24 बजे समाप्त होगी। हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों का निर्धारण उदया तिथि के आधार पर किया जाता है। चूंकि 7 जून को सूर्योदय के समय सप्तमी तिथि विद्यमान रहेगी और यह दिन रविवार भी है, इसलिए भानु सप्तमी 7 जून 2026 को मनाई जाएगी।

भानु सप्तमी का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भानु सप्तमी के दिन भगवान सूर्य की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सूर्य देव को आत्मबल, स्वास्थ्य, नेतृत्व क्षमता और सम्मान का प्रतीक माना गया है।

पुराणों में उल्लेख मिलता है कि इस दिन सूर्य देव सात घोड़ों वाले रथ पर आरूढ़ होकर संसार को प्रकाशमान करने के लिए प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन सूर्य नारायण की विशेष पूजा का विधान बताया गया है। मान्यता है कि भानु सप्तमी पर किया गया दान-पुण्य सूर्य ग्रहण के समय किए गए दान के समान फल प्रदान करता है।

भानु सप्तमी 2026 शुभ मुहूर्त

विवरणसमय
सप्तमी तिथि प्रारंभ7 जून 2026, सुबह 2:40 बजे
सप्तमी तिथि समाप्त8 जून 2026, सुबह 3:24 बजे
भानु सप्तमी व्रत7 जून 2026 (रविवार)
सूर्य अर्घ्य का श्रेष्ठ समयसूर्योदय काल

भानु सप्तमी पूजा विधि

भानु सप्तमी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल को साफ करके सूर्य देव का स्मरण करें।

पूजा करने की विधि

  • तांबे के लोटे में स्वच्छ जल भरें।
  • उसमें लाल पुष्प, रोली और अक्षत डालें।
  • उगते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें।
  • “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें।
  • सूर्य चालीसा या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
  • भगवान सूर्य को गुड़, गेहूं और लाल फूल अर्पित करें।
  • दिनभर सात्विक आहार ग्रहण करें और जरूरतमंदों की सहायता करें।

भानु सप्तमी पर क्या दान करें?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान विशेष फलदायी माना गया है।

शुभ दान सामग्री

  • लाल वस्त्र
  • गुड़
  • गेहूं
  • तांबे के बर्तन
  • लाल फल
  • लाल चंदन

मान्यता है कि इन वस्तुओं का दान करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है और व्यक्ति को मान-सम्मान, आत्मविश्वास तथा करियर में सफलता प्राप्त होती है।

भानु सप्तमी पर करें ये विशेष उपाय

  • रोजाना सूर्य को जल अर्पित करें।
  • आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
  • तांबे के पात्र का उपयोग बढ़ाएं।
  • गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं।
  • पिता और गुरु का सम्मान करें।

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