Ujjain Mahakal: महाकाल के दरबार में अनोखा रक्षाबंधन, 2 फीट की राखी और सवा लाख लड्डू तैयार

Knews Desk- उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रक्षाबंधन का पर्व हर साल की तरह इस बार भी विशेष परंपरा के साथ मनाया जाएगा। 28 अगस्त को सुबह 4 बजे भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल को पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा तैयार की गई विशेष राखी अर्पित की जाएगी। इसके बाद बाबा महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। मंदिर परिसर में इस विशेष आयोजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रमुख त्योहारों को विशेष धार्मिक परंपराओं के साथ मनाने की परंपरा रही है। रक्षाबंधन के दिन मुहूर्त या भद्रा को लेकर चाहे जो स्थिति हो, बाबा महाकाल के दरबार में भस्म आरती के बाद राखी अर्पित करने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस बार भी पुजारी परिवार की महिलाओं ने बाबा महाकाल के लिए खास राखी तैयार की है।

बाबा महाकाल को अर्पित की जाने वाली इस राखी की खासियत यह है कि इसमें शैव और वैष्णव दोनों परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। राखी में भगवान शिव के स्वरूप से जुड़े प्रतीकों के साथ भगवान श्रीकृष्ण के प्रिय मोर पंख और गौ माता को भी शामिल किया गया है। करीब डेढ़ से 2 फीट की इस राखी को बेहद आकर्षक और भव्य रूप दिया जा रहा है।

राखी के निर्माण में कांच वर्क, मोर पंख और रुद्राक्ष के साथ बाबा महाकाल के प्रिय त्रिनेत्र, ओम और त्रिपुंड को भी शामिल किया गया है। इससे राखी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है। इसे तैयार करने में पुजारी परिवार की महिलाओं ने विशेष रूप से मेहनत की है। राखी बनाने के दौरान महिलाओं ने मंगलगान भी किया।इस विशेष राखी को तैयार करने में करीब एक दिन का समय लगा है। इसके लिए रेशम के धागे, आभूषण, विशेष वस्त्र और सजावट की अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। राखी को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें धार्मिक आस्था के साथ-साथ कलात्मकता की भी झलक दिखाई दे।

महाकाल मंदिर में कुल 16 पुजारी परिवार भगवान की पूजा-अर्चना और सेवा से जुड़े हैं। रक्षाबंधन पर बाबा महाकाल को हर साल राखी अर्पित की जाती है, लेकिन इन 16 पुजारी परिवारों का क्रम छह साल में एक बार आता है। यानी प्रत्येक परिवार को छह साल में एक बार अपने हाथों से तैयार की गई राखी बाबा महाकाल को अर्पित करने का अवसर मिलता है। इस बार जिन परिवारों का क्रम है, उनके लिए यह आयोजन बेहद खास है।रक्षाबंधन के दिन बाबा महाकाल को राखी अर्पित करने के साथ सवा लाख लड्डुओं का भोग भी लगाया जाएगा। भोग के बाद इन लड्डुओं को श्रद्धालुओं में निशुल्क वितरित किया जाएगा। मंदिर में त्योहार को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। बाबा महाकाल के दरबार में मनाए जाने वाले इस अनोखे रक्षाबंधन को लेकर श्रद्धालुओं में भी खास उत्साह देखने को मिल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *