KNEWS DESK- ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले प्रत्येक मंगलवार का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इन्हें “बड़ा मंगल” या “बुढ़वा मंगल” कहा जाता है। यह दिन भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की आराधना और व्रत के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन विधि-विधान से पूजा करने पर बजरंगबली भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि प्रदान करते हैं। आज ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है, जिसे लेकर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है।
बड़े मंगल का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवार को अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, इसी माह में भगवान श्रीराम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी। वहीं यह भी माना जाता है कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही हनुमान जी ने लंका दहन किया था। यही कारण है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है।
दूसरे बड़े मंगल पर करें यह पूजा विधि
बड़े मंगल के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इस दिन लाल या नारंगी रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। इसके बाद व्रत का संकल्प लें और पूजा स्थल पर हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
पूजा के दौरान घी या तेल का दीपक जलाएं और बजरंगबली को लड्डू, गुड़-चना, केला तथा नारियल का भोग अर्पित करें। इसके बाद श्रद्धा भाव से हनुमान चालीसा का पाठ करें। साथ ही बजरंग बाण और हनुमान अष्टक का पाठ करना भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है। अंत में हनुमान जी की आरती कर प्रसाद का वितरण करें।
बड़े मंगल पर दान का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़े मंगल पर दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन ठंडे शरबत का वितरण करना बेहद शुभ माना गया है। इसके अलावा अन्न, वस्त्र और धन का दान भी किया जा सकता है। मान्यता है कि बंदरों, गायों और जरूरतमंद लोगों को गुड़ और चना खिलाने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
हनुमान जी की कृपा पाने का शुभ अवसर
ज्येष्ठ माह का हर मंगलवार भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, लेकिन बड़ा मंगल का दिन विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन सच्चे मन से पूजा, व्रत और दान करने पर हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।