आखिरी बड़ा मंगल आज, बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए लगाएं ये विशेष भोग, मिलती है संकटों से मुक्ति

KNEWS DESK- आज 23 जून को ज्येष्ठ माह का आठवां और अंतिम बड़ा मंगल, जिसे कई स्थानों पर बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है, पूरे देश में आस्था और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हनुमान भक्तों के लिए यह दिन अत्यंत विशेष माना जाता है क्योंकि इसे बजरंगबली की कृपा प्राप्त करने का सबसे शुभ अवसर माना जाता है।

इस वर्ष ज्येष्ठ माह में अधिकमास के कारण सामान्य से अधिक, यानी आठ बड़े मंगल पड़े, जिससे पूरे माह भक्तों को हनुमान जी की आराधना का विशेष अवसर प्राप्त हुआ। मान्यता है कि अंतिम बड़ा मंगल पर श्रद्धा से पूजा और भोग अर्पण करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

आखिरी बड़े मंगल पर बजरंगबली को लगाएं ये प्रिय भोग

बूंदी के लड्डू का भोग

हनुमान जी को बूंदी और बूंदी के लड्डू अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। इस दिन लाल या पीले बूंदी के लड्डू अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। इससे भक्तों पर हनुमान जी की विशेष कृपा बनी रहती है।

चने और गुड़ का भोग

भुने हुए चने और गुड़ का भोग बड़े मंगल पर अत्यंत पवित्र माना जाता है। पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटना पुण्यकारी माना गया है और इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

बेसन से बनी मिठाइयां

बेसन के लड्डू, बेसन की बर्फी और अन्य मिठाइयां भी इस दिन भोग के रूप में अर्पित की जा सकती हैं। मान्यता है कि इससे सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

केले का अर्पण

केला हनुमान जी को अर्पित किया जाने वाला एक शुभ फल माना जाता है। इसे चढ़ाने से घर में सकारात्मकता बढ़ती है और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।

पान का भोग

कुछ परंपराओं में पान अर्पित करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। बड़े मंगल के दिन पूजा के बाद पान का भोग लगाने से विशेष आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।

सिंदूर और चमेली तेल का अर्पण

भले ही यह भोग नहीं है, लेकिन हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे भक्तों के संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

बड़े मंगल का धार्मिक महत्व

उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश में बड़े मंगल का विशेष धार्मिक महत्व है। ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार हनुमान जी को समर्पित होते हैं, लेकिन अंतिम बड़ा मंगल को सबसे अधिक फलदायी माना जाता है।

इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं तथा जरूरतमंदों को भोजन और दान देकर पुण्य अर्जित करते हैं। माना जाता है कि इस दिन की गई भक्ति विशेष फल प्रदान करती है और जीवन के सभी संकटों का नाश करती है।

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