Knews Desk– मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में शुक्रवार का दिन बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। इंदौर हाई कोर्ट के हालिया फैसले के बाद यह पहला शुक्रवार है, जब यहां जुमे की नमाज नहीं होगी। हिंदू पक्ष ने भोजशाला परिसर में महाआरती और विशेष पूजा का ऐलान किया है, जिसके चलते पूरे धार शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
दरअसल, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने हाल ही में भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर बड़ा फैसला सुनाते हुए भोजशाला को देवी वाग्देवी यानी मां सरस्वती का मंदिर माना है। अदालत ने वर्ष 2003 के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिसके तहत मुस्लिम पक्ष को हर शुक्रवार नमाज की अनुमति दी जाती थी।

फैसले के बाद हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। भोजशाला परिसर में लगातार पूजा-पाठ, हनुमान चालीसा और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। शुक्रवार को हिंदू पक्ष द्वारा महाआरती आयोजित करने की तैयारी की गई है। प्रशासन को आशंका है कि इस दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

धार शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। बड़ी संख्या में पुलिस बल, RAF और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। भोजशाला परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
भोजशाला लंबे समय से विवाद का केंद्र रही है। हिंदू पक्ष इसे मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर और संस्कृत शिक्षा का केंद्र मानता रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब इस विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।