KNEWS DESK- हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा के लिए हर दिन शुभ माना गया है, लेकिन सोमवार का दिन महादेव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि सोमवार के दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। खासतौर पर सावन महीने में आने वाले सोमवार का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
सोमवार और भगवान शिव का क्या है खास रिश्ता?
सनातन परंपरा में सप्ताह के हर दिन को किसी न किसी देवी-देवता से जोड़ा गया है। सोमवार का संबंध भगवान शिव से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ‘सोम’ का अर्थ चंद्रमा होता है और भगवान शिव ने अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण कर रखा है। इसी कारण सोमवार को शिव आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
भगवान शिव को चंद्रमा धारण करने के कारण चंद्रशेखर भी कहा जाता है। यही वजह है कि शिव भक्त सोमवार के दिन व्रत, पूजा और जलाभिषेक करके महादेव की कृपा पाने का प्रयास करते हैं।
चंद्रदेव और भगवान शिव से जुड़ी पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्रदेव ने राजा दक्ष की 27 पुत्रियों से विवाह किया था, लेकिन उनका विशेष प्रेम रोहिणी के प्रति था। इस बात से नाराज होकर दक्ष प्रजापति ने चंद्रमा को क्षय होने का श्राप दे दिया। श्राप के कारण चंद्रमा का तेज धीरे-धीरे कम होने लगा।
कई उपाय करने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो चंद्रदेव ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें अपने मस्तक पर स्थान दिया और श्राप के प्रभाव को कम किया। तभी से भगवान शिव का चंद्रमा से गहरा संबंध माना जाने लगा और सोमवार को उनकी पूजा का महत्व बढ़ गया।
सावन सोमवार का महत्व क्यों है अधिक?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस महीने में की गई शिव आराधना का विशेष फल प्राप्त होता है। जब सावन के महीने में सोमवार का संयोग बनता है तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
सावन सोमवार के दिन भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। साथ ही ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करके भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
ज्योतिष में भी सोमवार का है विशेष महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सोमवार का स्वामी ग्रह चंद्रमा है। चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक माना जाता है। मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है, उनके लिए सोमवार को शिव पूजा करना शुभ फलदायी हो सकता है।
सोमवार के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से मानसिक तनाव कम होने, आत्मविश्वास बढ़ने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आने की मान्यता है।
सोमवार को ऐसे करें भगवान शिव की पूजा
सोमवार की सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और भगवान शिव का ध्यान करें। इसके बाद शिवलिंग पर गंगाजल, जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और सफेद चंदन अर्पित करें।
पूजा के दौरान भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। पूजा के अंत में शिव आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।
सोमवार की शिव पूजा से मिलते हैं ये लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार को भगवान शिव की आराधना करने से जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं। महादेव की कृपा से मानसिक शांति, अच्छे स्वास्थ्य और आर्थिक उन्नति का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है।
अविवाहित युवक-युवतियां अच्छे जीवनसाथी की कामना से सोमवार का व्रत रखते हैं, जबकि विवाहित लोग वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और परिवार की खुशहाली के लिए भगवान शिव की पूजा करते हैं।
सावन सोमवार में बढ़ जाती है भक्ति की शक्ति
सावन सोमवार भगवान शिव के प्रति आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन श्रद्धा, संयम और नियमों के साथ की गई पूजा से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलने की मान्यता है। यही कारण है कि हर साल सावन के सोमवार को शिव मंदिरों में भक्तों की विशेष भीड़ देखने को मिलती है।