KNEWS DESK- सावन में आने वाली कामिका एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस साल कामिका एकादशी की तारीख को लेकर 8 और 9 अगस्त के बीच असमंजस की स्थिति बन सकती है। ऐसे में जानिए किस दिन रखा जाएगा व्रत, पूजा कैसे करें और इसका धार्मिक महत्व क्या है।
सावन का महीना आते ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ने लगती है। वैसे तो यह महीना मुख्य रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए जाना जाता है, लेकिन इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है। सावन के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने, व्रत रखने और दान-पुण्य करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि विष्णु भक्तों के लिए कामिका एकादशी बेहद खास मानी जाती है।
8 या 9 अगस्त, कब है कामिका एकादशी 2026?
पंचांग के अनुसार, सावन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 8 अगस्त 2026 को रात 1 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी और 9 अगस्त को सुबह 11 बजकर 4 मिनट तक रहेगी। धार्मिक व्रत और त्योहारों में उदया तिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है। 9 अगस्त को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि रहने के कारण कामिका एकादशी का व्रत रविवार, 9 अगस्त 2026 को रखा जाएगा।
कामिका एकादशी के दिन कैसे करें पूजा?
कामिका एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लिया जा सकता है। पूजा स्थान को साफ करने के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। भगवान को पीले फूल, फल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं और विष्णु मंत्रों का जाप करें। पूजा के दौरान एकादशी व्रत कथा का पाठ या श्रवण भी किया जा सकता है।
भगवान विष्णु को जरूर अर्पित करें तुलसी
भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व माना गया है। कामिका एकादशी पर भगवान को तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा है। हालांकि, धार्मिक परंपराओं में एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे में पूजा के लिए तुलसी दल पहले से रखे जा सकते हैं। पूजा के आखिर में भगवान विष्णु की आरती करें और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
कामिका एकादशी पर क्या करें?
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के साथ दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन, फल, वस्त्र या दूसरी जरूरी चीजों का दान कर सकते हैं। व्रत करने वाले लोगों को दिनभर भगवान विष्णु का स्मरण करने और सात्विक आचरण रखने की सलाह दी जाती है।
कब होगा कामिका एकादशी व्रत का पारण?
एकादशी का व्रत द्वादशी तिथि में पारण करने के बाद पूरा माना जाता है। ऐसे में 9 अगस्त को कामिका एकादशी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु 10 अगस्त 2026 को द्वादशी में व्रत का पारण करेंगे। पारण से पहले भगवान विष्णु की पूजा और स्मरण किया जाता है। इसके बाद सात्विक भोजन ग्रहण करके व्रत खोला जा सकता है।
क्यों खास है कामिका एकादशी?
पौराणिक मान्यताओं में कामिका एकादशी को पुण्य प्रदान करने वाला व्रत बताया गया है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत और भगवान विष्णु की आराधना करने से जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही भक्त भगवान विष्णु से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और जीवन में सकारात्मकता की कामना करते हैं। सावन में पड़ने के कारण कामिका एकादशी का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों और पंचांगों के अनुसार तिथि एवं पारण के समय में अंतर हो सकता है।