UCC पर बवाल, सरकार ने बढ़ाया कार्यकाल !

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड में यूसीसी पर मचे सियासी बवाल के बीच धामी सरकार की ओर से समान नागरिक संहिता पर सुझाव देने के लिए गठित विशेषज्ञ कमेटी का कार्यकाल चार माह बढ़ गया है। गृह विभाग की और से इसके आदेश जारी किए गए हैं। बता दे कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तय करने के लिए पांच सदस्यों वाली विशेषज्ञ कमेटी गठित की थी। कमेटी को रिपोर्ट देने के लिए पहले छह माह का समय दिया गयाजिसे पूर्व में दो बार बढ़ाया जा चुका है। कमेटी का वर्तमान कार्यकाल 27 सितंबर को समाप्त हो रहा हैलेकिन कमेटी की रिपोर्ट नही मिलने के कारण अब कार्यकाल फिर चार महीने के लिए बढ़ा दिया गया है.जिसके बाद कमेटी के पास अब रिपोर्ट देने के लिए अगले साल 27 जनवरी तक का समय उपलब्ध हो गया है… वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है की सरकार को पूरी उम्मीद है कि इस बार समिति यूसीसी का ड्राफ्ट सरकार को सौंपेगी और यूसीसी का ड्राफ्ट सरकार को मिलते ही इसे लागू करने कि दिशा मे सरकार बढ़ेगी….वहीं विपक्ष ने इसके बहाने सरकार पर निशाना साधा है

उत्तराखंड में यूसीसी पर मचे सियासी बवाल के बीच धामी सरकार की ओर से समान नागरिक संहिता पर सुझाव देने के लिए गठित विशेषज्ञ कमेटी का कार्यकाल चार माह बढ़ गया है। गृह विभाग की और से इसके आदेश जारी किए गए हैं। बता दे कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष मई में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तय करने के लिए पांच सदस्यों वाली विशेषज्ञ कमेटी गठित की थी। कमेटी को रिपोर्ट देने के लिए पहले छह माह का समय दिया गयाजिसे पूर्व में दो बार बढ़ाया जा चुका है। कमेटी का वर्तमान कार्यकाल 27 सितंबर को समाप्त हो रहा हैलेकिन कमेटी की रिपोर्ट नही मिलने के कारण अब कार्यकाल फिर चार महीने के लिए बढ़ा दिया गया है.जिसके बाद कमेटी के पास अब रिपोर्ट देने के लिए अगले साल 27 जनवरी तक का समय उपलब्ध हो गया है… वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है की सरकार को पूरी उम्मीद है कि इस बार समिति यूसीसी का ड्राफ्ट सरकार को सौंपेगी और यूसीसी का ड्राफ्ट सरकार को मिलते ही इसे लागू करने कि दिशा मे सरकार बढ़ेगी….

 

आपको बता दें कि प्रदेश सरकार ने 27 मई 2022 को समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट बनाने के लिए जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया थाजिसमें चार सदस्य शामिल किए गए। वहीं विशेषज्ञ समिति के 13 माह के कार्यकाल में अभी तक 52 बैठकें हो चुकी हैं और समिति को 2.50 लाख से अधिक सुझाव मिले हैं। समिति ने अपने कार्यकाल में विभिन्न धर्मोंसमुदाय व जनजातियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने के साथ ही प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जाकर स्थानीय व्यक्तियों से भी सुझाव लिए। वहीं समिति ने प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ ही सभी राजनीतिक दलों से भी इस संबंध में सुझाव ले चुकी है। वहीं बार बार समिति का कार्यकाल बढ़ाए जाने पर कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं

 

 कुल मिलाकर उत्तराखंड में यूसीसी पर मचा सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार का कहना है कि अबतक लिखित में ड्राफ्ट सरकार को नहीं मिला है। जिसके चलते समिति का कार्यकाल एक बार फिर बढ़ाया गया है सवाल ये है कि आखिर क्यों लिखित ड्राफ्ट देने में समिति को इतना समय लग रहा है क्या सरकार जानबूझकर चुनाव तक इस मुद्दे को ले जाना चाहती है

 

 

 

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