चंदा चोरी का सवाल,देवस्थानम पर बवाल !

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी के बाद बदरीनाथ धाम में कथित अनियमितता का मामला सुर्खियों में है. जिसके चलते बीकेटीसी पर सवाल उठ रहे हैं.जिसमे मुख्यमंत्री की जांच के बाद देर रात बीकेटीसी के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की गिरफ़्तारी की गई है.संभवत कई और नाम भी इसमें शामिल हो सकते है जिसको लेकर एस आई टी की जांच जारी है.इसी बीच पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने भी देवस्थानम बोर्ड को पुनर्गठित करने से संबंधी बयान दिया है. उनके इस बयान के विरोध में कांग्रेस उतर गई है. इसी कड़ी में कांग्रेस ने देवप्रयाग संगम में पुतला दहन कर बीजेपी सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.गौर हो कि हाल में ही पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में लाए गए ‘उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड’ पर स्थिति स्पष्ट की थी. जिसमें उन्होंने कहा था कि भले ही इस बोर्ड को स्थापित न किया गया हो, लेकिन वो आज भी यही मानते हैं कि तमाम मंदिरों के प्रबंधन के लिए देवस्थानम बोर्ड होना ही चाहिए. अगर देवस्थानम बोर्ड होता तो शायद ये स्थिति नहीं आती.जिसको लेकर एक बार फिर त्रिवेंद्र रावत के बयान पर तीर्थपुरोहितों के बीच काफी गुस्सा देखा जा रहा है वही अन्य विपक्षी दल भी मंदिर में चंदा चोरी के साथ देवस्थानम बोर्ड की उठी मांग को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते नजर आ रहे है.

बदरीनाथ धाम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से बीजेपी सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बड़ा बयान दिया हैं. त्रिवेंद्र सिंह रावत ने न सिर्फ इस पूरे प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है, बल्कि मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग भी कर दी है.दरअसल, प्रदेश में इन दिनों बदरीनाथ धाम में हुई दान चोरी को लेकर जबरदस्त चर्चाएं चल रही है. इस मामले में लगे आरोपों को लेकर जांच की भी बात कही जा रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग हो रही है. इन सभी मांगों और चर्चाओं के बीच भाजपा के ही सांसद और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक ऐसा बयान दिया है जो सरकार की मुश्किलें बढ़ने वाला है.खास बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक बार फिर अपने मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में लाए गए देवस्थानम बोर्ड पर फिर स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि भले ही इस बोर्ड को स्थापित ना किया गया हो, लेकिन वह आज भी यही मानते हैं कि प्रदेश में मंदिरों के प्रबंधन के लिए देवस्थानम बोर्ड होना ही चाहिए. त्रिवेंद्र सिंह रावत का बयान सामने आने के बाद कांग्रेस ने भी चुटकी ली है.वही तीर्थ पुरोहितों ने इसका जमकर विरोध किया है.

बदरीनाथ धाम मंदिर में कथित चोरी के मामले को बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने काफी गंभीरता से लिया है. यही कारण है, कि मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने एस आई टी जांच के आदेश दिए जिसमे आज एस आई टी ने कार्यवाही करते बद्रीनाथ मंदिर के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देर रात गिरफ्तार कर बद्रीनाथ थाने में पूछताछ जारी रखी है,संभावना है, की चंदा चोरी प्रकरण को लेकर कई और बड़े नाम सामने आ सकते है.वही पूर्व मुख्य्मंत्री वा मौजूदा हरिद्वार से संसद त्रिवेंदर सिंह रावत के देवस्थनम बोर्ड को बनाने से मंदिर में चोरी न होने के दावे ने एक बार राजनीति में बड़ी बहस जरूर शुरू कर दी है.देखना होगा क्या ये दोबारा पनपा विवाद कब ख़त्म हो पायेगा। 

     

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