उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी का मामला अभी शांत नहीं हुआ कि देवभूमि उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितता ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. यह मामला सुर्खियों में तब आया जब हिंदूवादी संगठन भैरव सेना ने BKTC के कर्मचारी पर बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं. भैरव सेना ने BKTC के मुख्य कार्य अधिकारी को पत्र भेजकर आरोपी कर्मचारी को तत्काल निलंबित करने और FIR दर्ज करने की मांग की है.और संगठन ने उस विशेष समयसीमा की CCTV फुटेज सार्वजनिक करने को भी कहा है, जिसमें चोरी का आरोप है.अब यह मामला केवल वित्तीय गड़बड़ी का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धार्मिक संस्था की साख का भी है. इसके साथ ही भैरव सेना ने चेतावनी दी है, कि शीघ्र कार्रवाई न हुई तो जन आंदोलन और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. संगठन के आरोप के बाद बद्री- केदार मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारी और तीर्थ पुरोहित भी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. हालांकि BKTC अध्यक्ष के निर्देश पर आरोपों को गंभीरता से लेकर जांच कराई जा रही है,और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी, मंदिर समिति ने चेतावनी भी दी है कि आरोप निराधार निकले तो छवि धूमिल करने वालों पर भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. वही इस पूरे मामले ने मुद्दे का रुप लेते हुए सियासी रंग ले लिया है, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार और BKTC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में दोषियों को सरकार का संरक्षण मिल रहा है तभी उनके हौसले बुलंद है, हालांकि सत्ता पक्ष भी दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग का साथ देता नज़र आ रहा है लेकिन विपक्ष लगातार सत्ताधारी सरकार और मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर है, जिसके बाद आपसी बयानबाज़ी का दौर भी देखने को मिलने रहा है.
हर वक़्त सवालों के घेरे में खड़ी रहने वाली बद्री- केदार मंदिर समिति एक बार फिर सवालों के कटघरे में खड़ी नज़र आ रही है. देश में वर्तमान में चल रहे राम मंदिर अयोध्या दान चोरी के मामले के साथ अब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में वित्तीय अनियमितता का मामला गरमा गया है. हिंदूवादी संगठन भैरव सेना ने BKTC के कर्मचारी पर आर्थिक चोरी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है चार धाम तीर्थ पुरोहितों के अनुसार बद्रीनाथ केदारनाथ आस्था के साथ देश की एकता के प्रतीक हैं इसलिए यदि ऐसा कुछ विषय वास्तव में है तो मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो, ताकि करोड़ों सनातनियों की भावना आहत न हो. उक्त मामले पर BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आरोपों को गंभीरता से लेकर जांच कराई जा रही है. जांच में दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी लेकिन आरोप निराधार निकले तो छवि धूमिल करने वालों पर भी वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी. वही अब यह पूरा प्रकरण राजनितिक गलियारों में भी अहम मुद्दा बना हुआ है,तो वही मंदिर समिति व सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिये है. सत्ता पक्ष का कहना है कि धामी सरकार में सनातन को बदनाम करने वाले किसी भी कालनेमी का बचना नामुमकिन है.और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने का कार्य भी किया जायेगा.
बदरीनाथ-केदारनाथ जैसे आस्था के प्रतीकों से जुड़ा यह विवाद अब केवल वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं रहा. भैरव सेना के आरोपों, तीर्थपुरोहितों की निष्पक्ष जांच की मांग और BKTC की कार्रवाई की चेतावनी ने मामले को गंभीर बना दिया है.एक ओर श्रद्धालुओं की आस्था दांव पर है, तो दूसरी ओर मंदिर समिति की पारदर्शिता सवालों के घेरे में है. सियासी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से मामला और गरमा गया है,जहां विपक्ष सरकार पर संरक्षण देने का आरोप लगा रहा है, सत्ता पक्ष दोषियों पर कार्रवाई की बात कर रहा है. BKTC की जांच रिपोर्ट ही तय करेगी कि दोष किसका है फिलहाल करोड़ों सनातनियों की निगाहें इस पर टिकी हैं,कि देवभूमि की साख बचाने के लिए समिति और सरकार क्या ठोस कदम उठाते हैं,क्योंकि यहां सवाल सिर्फ चढ़ावे का नहीं आस्था और विश्वास का भी है.इससे पहले भी केदारनाथ में सोना चोरी का आरोप लग चुका है.जिस पर भी जम कर राजनीति हो चुकी है.ऐसे में निष्पक्ष जांच ही आस्था और विश्वास को बनाए रख सकती है.