गाँव में ही मिलेगा रोजगार नहीं छोड़ना पड़ेगा गाँव 

प्रदेश में जितनी मात्रा में युवा रोजगार कर रहे है उससे कई ज्यादा बेरोजगार बैठे है 
इसका एक मुख्य कारण है युवा को उस माहौल का न मिल पाना जिससे वह खुद को तैयार कर सके आगे के लिए 
मुख्य रूप से गाँव में रहने वाला युवा वर्ग ऐसी काफी जरूरतों से पिछड़ा हुआ है जिसकी उसे भविष्य के लिए जरूरत है 
ऐसे में प्रदेश सरकार युवाओ की कुछ हद तक मदद करने के विचार से कुछ नई  योजनाओं के तहत युवा को रोजगार के अवसर प्राप्त करने के मौका दे रही है 
यह खासकर उन युवाओ के लिए है जो ज्यादा पढे लिखे नहीं है  प्रदेश में ऐसा बहुत होता है की युवा को  छोटे मोटे रोजगार के लिए अपना घर छोड़ना पद्धत है जिससे उसकी ज्यादा कमाई तो नहीं होती पर वह अपने घर गाँव से दूर जरूर हो जाता है   जल जीवन मिशन के तहत सरकार ऐसे युवाओं को नजदीकी आईटीआई-पॉलिटेक्निक से प्रशिक्षण देकर गांव में ही काम देगी  वह प्लंबर, मिस्त्री बनकर पेयजल योजनाओं के रखरखाव, नए कनेक्शन, पुराने कनेक्शन से जुड़े काम करेंगे 
प्रदेशभर में जल जीवन मिशन के तहत छोटी-बड़ी मिलाकर 16151 परियोजनाएं बन रही हैं  एक बार घर-घर तक नल लगने के बाद इनके रखरखाव, नए कनेक्शन लगाने, पुरानी लाइन की मरम्मत करने के लिए बड़ी संख्या में युवाओं की जरूरत है
इसके साथ ही सरकार ने तय किया है कि सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के बीटेक अंतिम वर्ष के छात्रों को भी जल जीवन मिशन की योजनाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा उन्हें अंतिम वर्ष की एक माह की ट्रेनिंग के बाद पेयजल विभाग की ओर से प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा