Knews Desk- पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के कई विधायक नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं और अब दावा किया जा रहा है कि 59 विधायक पार्टी के वरिष्ठ नेता ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) बनाने के पक्ष में हैं। इस खबर ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।
सूत्रों के मुताबिक, चुनावी नतीजों के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कई विधायकों का मानना है कि संगठन में बड़े बदलाव की जरूरत है। इसी बीच ऋतब्रत बनर्जी का नाम एक ऐसे नेता के रूप में उभरकर सामने आया है, जो असंतुष्ट विधायकों को एक मंच पर ला सकते हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम को पार्टी को कमजोर करने की कोशिश बता रहा है। ममता बनर्जी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर लाइव आकर कहा कि विपक्ष और कुछ ताकतें उनकी पार्टी को तोड़ने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस एकजुट है और किसी भी तरह के दबाव में नहीं आने वाली।
इस बीच पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में कुछ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि नेतृत्व बागी सुरों को दबाने और संगठन को एकजुट रखने के लिए सख्त कदम उठा सकता है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में विधायक वास्तव में नेतृत्व के खिलाफ लामबंद होते हैं, तो यह ममता बनर्जी के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस के भीतर की यह खींचतान किस दिशा में जाती है और पार्टी नेतृत्व इसका क्या समाधान निकालता है। बंगाल की राजनीति में इस घटनाक्रम ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है और विपक्ष भी इस स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है।