Knews Desk-योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। अब तक जिन उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर के कारण बार-बार बिजली कटने की समस्या का सामना करना पड़ रहा था, उन्हें इस फैसले से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था के तहत प्रीपेड स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड प्रणाली की तरह काम करेंगे, जिससे उपभोक्ताओं को हर महीने बिल प्राप्त होगा और भुगतान के लिए अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
पिछले कुछ महीनों से राज्य के कई जिलों में उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि प्रीपेड मीटर में बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति तुरंत बंद हो जाती थी। इससे खासकर गर्मी के मौसम में लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करने का निर्णय लिया। ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma ने बताया कि यह फैसला उपभोक्ताओं की सुविधा और व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

नई प्रणाली के अनुसार अब हर महीने की पहली तारीख से लेकर आखिरी तारीख तक बिजली खपत का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके बाद 10 तारीख तक उपभोक्ताओं को उनका बिजली बिल भेज दिया जाएगा। खास बात यह है कि बिल अब डिजिटल माध्यमों जैसे एसएमएस और व्हाट्सऐप के जरिए सीधे उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों में सुधार होगा।
इसके अलावा, उपभोक्ताओं को बिल भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। इसका मतलब है कि अब उन्हें तुरंत रिचार्ज कराने की बाध्यता नहीं होगी और वे अपनी सुविधा के अनुसार भुगतान कर सकेंगे। इससे न केवल आर्थिक दबाव कम होगा, बल्कि बिजली आपूर्ति में भी निरंतरता बनी रहेगी।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा और बिजली वितरण प्रणाली अधिक व्यवस्थित और उपभोक्ता-अनुकूल बनेगी। यह कदम डिजिटल बिलिंग और स्मार्ट मीटरिंग के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में इस व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं, खासकर उन उपभोक्ताओं के लिए जो अब तक प्रीपेड सिस्टम से असहज थे।