मऊ में घर से स्कूल तक का बदहाल रास्ता 7 साल की समरा नाज के लिए रोज की परेशानी बन गया था. कीचड़ और गड्ढों के कारण वह अक्सर रास्ते में गिर जाती थी और स्कूल पहुंचने तक उसकी ड्रेस गंदी हो जाती थी. परेशान होकर बच्ची अपने परिजनों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची और सड़क ठीक कराने की गुहार लगाई.
Knews Desk- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में 7 साल की बच्ची की फरियाद ने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा है. पहली कक्षा में पढ़ने वाली समरा नाज अपने घर से स्कूल तक जाने वाले खराब रास्ते से परेशान थी. रास्ते में कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों के चलते उसे आए दिन मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. आखिरकार उसने अपनी समस्या सीधे जिलाधिकारी के सामने रखने का फैसला किया.
समरा के घर से स्कूल तक जाने वाला करीब 25 मीटर का रास्ता कच्चा और जर्जर हालत में है. बारिश और जलभराव के कारण यहां जगह-जगह कीचड़ जमा रहता है. रास्ते में मौजूद गड्ढों और फिसलन के चलते बच्ची कई बार गिर चुकी है.
रास्ते की बदहाली का असर उसकी स्कूल ड्रेस पर भी पड़ता था. घर से साफ-सुथरे कपड़े पहनकर निकलने वाली समरा जब स्कूल पहुंचती तो उसकी ड्रेस कीचड़ से गंदी हो जाती. इसके बाद उसे स्कूल में शिक्षकों की डांट भी सुननी पड़ती थी. यही परेशानी उसे लगातार परेशान कर रही थी.
परिवार के साथ DM कार्यालय पहुंची बच्ची
अपनी समस्या का समाधान कराने के लिए समरा अपने परिजनों के साथ मऊ कलेक्ट्रेट पहुंची. यहां उसने जिलाधिकारी आनंद वर्धन से मुलाकात कर अपनी परेशानी बताई. बच्ची ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि उसके स्कूल जाने वाले रास्ते को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए, ताकि उसे रोज की परेशानी से राहत मिल सके.
जिलाधिकारी ने बच्ची की बात को गंभीरता से सुना. उसकी शिकायत पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए. प्रशासन ने नगर पालिका क्षेत्र में आने वाले इस करीब 25 मीटर के कच्चे और खराब रास्ते का स्थलीय निरीक्षण कर जल्द मरम्मत कराने को कहा है.
बच्ची की शिकायत ने व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
समरा नाज का मामला स्थानीय बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी सवाल खड़े करता है. जिस रास्ते से छोटे बच्चे रोज स्कूल जाते हैं, उसकी बदहाल स्थिति लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई थी.
हालांकि, 7 साल की बच्ची के सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या बताने के बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया है. अब स्थानीय लोगों और बच्ची के परिवार को उम्मीद है कि सड़क की मरम्मत जल्द पूरी होगी और बच्चों को स्कूल जाने में होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी.