लखनऊ में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों को लेकर सोमवार देर रात से मंगलवार तक प्रदर्शन और विरोध का दौर जारी रहा। आयुष इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, जबकि KGMU में नर्सिंग छात्रा की मौत के बाद छात्र-छात्राएं जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, लोहिया संस्थान में सफाई कर्मचारियों ने मारपीट के आरोप के बाद काम बंद कर दिया है।
Knews Desk- आयुष इंटर्न डॉक्टर पिछले कई दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर हजरतगंज स्थित जीपीओ पहुंचे और प्रदर्शन किया। देर रात पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। डॉक्टरों ने पुलिस पर बल प्रयोग करने और कुछ प्रदर्शनकारियों को घसीटकर हटाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई को लेकर अलग पक्ष सामने आ सकता है।
आयुष इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें फिलहाल 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है, जिसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि मौजूदा महंगाई के दौर में यह राशि काफी कम है और लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग की जा रही है। इससे पहले भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस और डॉक्टरों के बीच विवाद की स्थिति सामने आ चुकी है। एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें एक दरोगा द्वारा डॉक्टरों को धमकाने का आरोप लगाया गया था।

दूसरी ओर, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय यानी KGMU में बीएससी नर्सिंग की द्वितीय वर्ष की छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। दिव्यांशी की 19 सितंबर को डेंगू के चलते मौत हुई थी। इसके बाद नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। छात्रों का आरोप है कि बीमार होने के बावजूद दिव्यांशी को पर्याप्त छुट्टी नहीं मिली और उस पर काम व ड्यूटी का दबाव बना रहा।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने नर्सिंग विभाग का घेराव कर मामले में जिम्मेदारी तय करने और प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। विरोध के बीच नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल सूचना राय भौमिक ने इस्तीफा दे दिया, लेकिन छात्र अभी भी आंदोलन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। प्रदर्शनकारी नर्सिंग की डीन डॉ. अमिता पांडेय मिश्रा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। छात्रों का दावा है कि हॉस्टल में रहने वाले कई अन्य नर्सिंग छात्र भी बीमार हैं।
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भी सफाई कर्मचारियों का विरोध जारी है। सोमवार को संस्थान की इमरजेंसी यूनिट के शौचालय में एक नवजात मिला था। सफाई कर्मचारियों ने इसकी जानकारी डॉक्टरों को दी, लेकिन बाद में नवजात की मौत हो गई। संस्थान प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने और सीसीटीवी फुटेज की जांच की बात कही है।
इसी घटना के बाद सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नवजात मिलने की सूचना अधिकारियों को देने के बाद सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों ने एक स्वीपर के साथ मारपीट की। कर्मचारियों का कहना है कि सूचना देने से नाराज होकर उसके साथ मारपीट की गई। इसके विरोध में सभी सफाई कर्मचारियों ने काम रोक दिया और कथित मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।