Knews Desk- लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। हाई लेवल मीटिंग के बाद लिया गया यह फैसला हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एसआईटी को सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
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गठित एसआईटी में पर्यटन, धार्मिक कार्य एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। दोनों अधिकारी हादसे के हर पहलू की जांच करेंगे, जिसमें आग लगने के कारण, सुरक्षा मानकों में हुई लापरवाही और संबंधित विभागों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। एसआईटी ने अपना काम शुरू कर दिया है। वहीं, इस मामले में अलीगंज थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज की गई है और पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि इस दर्दनाक हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इमारत के निर्माण और संचालन में हुई अनियमितताओं को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही संबंधित इमारत पर बुलडोजर कार्रवाई भी हो सकती है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए मुख्यमंत्री ने पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इसके अलावा घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी। सरकार ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवारों को राहत राशि और अन्य सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी पूर्व निर्धारित सरकारी कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं। उन्हें मंगलवार को हाथरस में 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करना था। इसके अलावा आगरा में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक भी प्रस्तावित थी, लेकिन लखनऊ अग्निकांड के बाद उन्होंने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी को प्राथमिकता दी।
इस बीच, रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। राजनाथ सिंह ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। सरकार ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।