लखनऊ के सहादतगंज इलाके में 55 वर्षीय अबरार अली की हार्ट अटैक से मौत के बाद बैंक लोन रिकवरी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों का आरोप है कि बैंक से जुड़े रिकवरी एजेंट लगातार लोन चुकाने और मकान खाली करने का दबाव बना रहे थे। परिवार का दावा है कि घर पर रिकवरी नोटिस चस्पा किए जाने के बाद अबरार तनाव में आ गए और उनकी तबीयत बिगड़ गई।
Knews Desk– लखनऊ के सहादतगंज थाना क्षेत्र के रामनगर में अबरार अली की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, अबरार को करीब चार दिन पहले एक रिकवरी एजेंट की ओर से नोटिस दिया गया था। आरोप है कि एजेंट ने घर खाली करने की बात कही थी। इसके बाद से अबरार मानसिक तनाव में थे।
परिवार का कहना है कि बैंक की ओर से लगातार फोन किए जा रहे थे और करीब 31 लाख रुपये के लोन सेटलमेंट को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। मृतक की पत्नी अफ्शा के अनुसार, रिकवरी एजेंट द्वारा मकान खाली करने के लिए भी दबाव डाला जा रहा था।
परिजनों के मुताबिक, अबरार ने बैंक से लगभग 24 लाख रुपये का लोन लिया था। परिवार का दावा है कि इसमें से करीब 16 लाख रुपये पहले ही जमा किए जा चुके थे। इसके बावजूद रिकवरी को लेकर दबाव जारी रहा। परिवार का आरोप है कि नोटिस चस्पा होने के बाद अबरार की तबीयत लगातार खराब होने लगी।
करीब दो दिन पहले उनकी हालत गंभीर हुई तो परिजन उन्हें एरा अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद हार्ट अटैक की जानकारी दी। इलाज के दौरान अबरार की मौत हो गई।
परिवार ने यह भी बताया कि अबरार को करीब नौ महीने पहले भी हार्ट अटैक आया था। उस समय उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। दामाद के मुताबिक, उस दौरान भी लोन की रिकवरी को लेकर दबाव बनाए जाने का आरोप है।
दामाद ने बताया कि अबरार परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे और पिकअप वाहन चलाकर घर का खर्च चलाते थे। परिवार का आरोप है कि उन्होंने बैंक से लोन का पूरा स्टेटमेंट मांगा था, लेकिन उन्हें कथित तौर पर सही जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों का कहना है कि अबरार की कमाई और जमा पूंजी का बड़ा हिस्सा लोन चुकाने में चला गया। अब उनकी मौत के बाद परिवार ने रिकवरी एजेंट और बैंक से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, अबरार की मौत और बैंक की रिकवरी प्रक्रिया के बीच सीधे तौर पर कोई संबंध था या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस को शिकायत मिलने पर मामले से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की जांच की जाएगी।