डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से खाकी वर्दी को शर्मसार करने वाली एक बेहद आपत्तिजनक घटना सामने आई है। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली पुलिस के जवान जब खुद मर्यादा भूल जाएं, तो समाज में क्या संदेश जाता है, इसकी बानगी शहर के एक शॉपिंग मॉल में देखने को मिली। महिलाओं के अंतःवस्त्रों (अंडरगारमेंट्स) के साथ अश्लील हरकत करते एक हेड कांस्टेबल का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) ख्याति गर्ग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
ड्यूटी छोड़ मॉल में कर रहे थे ‘अय्याशी’
जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 27 अप्रैल 2026 की है। उस दिन जिले में होमगार्ड भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जा रहा था। परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पढ़ुआ थाने के पांच पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन, इन पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय ड्यूटी से गायब होकर मॉल में घूमने का मन बनाया। मॉल के अंदर लगे सीसीटीवी और वहां मौजूद किसी व्यक्ति द्वारा बनाए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक हेड कांस्टेबल महिलाओं के सेक्शन में जाकर उनके अंडरगारमेंट्स को आपत्तिजनक तरीके से छू रहा था और अश्लील इशारे करते हुए मुस्कुरा रहा था।

सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ, यह जंगल की आग की तरह फैल गया। यूजर्स ने उत्तर प्रदेश पुलिस को टैग करते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। लोगों का कहना है कि जिस पुलिस पर महिलाओं की सुरक्षा का भरोसा किया जाता है, अगर वही सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की ओछी और अश्लील हरकतें करेंगे, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे? इस घटना ने न केवल लखीमपुर पुलिस बल्कि पूरी यूपी पुलिस की छवि को जनता की नजरों में धूमिल किया है।
SP ख्याति गर्ग की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
वीडियो का संज्ञान लेते हुए लखीमपुर खीरी की SP ख्याति गर्ग ने मामले की जांच के आदेश दिए। जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि पांचों पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पॉइंट से नदारद थे और उनमें से एक की हरकतें घोर अनुशासनहीनता और अश्लीलता की श्रेणी में आती हैं। पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी तक किसी बड़े अधिकारी ने कैमरे पर आकर बयान नहीं दिया है, लेकिन लिखित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अनुशासनहीनता और अश्लीलता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।