शिव शंकर सविता- कानपुर के हरबंस मोहाल थाना क्षेत्र में स्थित घंटाघर के प्रसिद्ध गणेश मंदिर में हुई मुकुट चोरी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 11 अप्रैल को मंदिर से भगवान गणेश के पांच बड़े और दो छोटे चांदी के मुकुट चोरी हो गए थे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया था। अब इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी करने वाले पति-पत्नी और चोरी का सामान खरीदने वाले एक सुनार को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले का खुलासा डीसीपी पूर्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किया। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मौके का मुआयना किया और मंदिर परिसर व घंटाघर चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई और फिर उन्हें ट्रैक कर गिरफ्तार किया गया।
शहर के तीन प्रमुख मंदिरों को बनाने की थी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पति-पत्नी ने इस चोरी की योजना पहले से बना रखी थी। उन्होंने शहर के तीन प्रमुख मंदिरों को निशाने पर रखने की साजिश रची थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुछ समय पहले उनका एक्सीडेंट हुआ था, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। इसी नुकसान की भरपाई के लिए उन्होंने मंदिर में चोरी करने का रास्ता चुना। चोरी के बाद आरोपियों ने गणेश मंदिर से चुराए गए मुकुटों को एक सुनार को बेच दिया था। सुनार ने उन चांदी के मुकुटों को गलाकर चांदी के बिस्कुट में बदल दिया, ताकि पहचान छिपाई जा सके। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुनार को भी गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से चांदी के बिस्कुट के साथ-साथ नगद रकम भी बरामद की है।
आपराधिक इतिहास पता लगाने में जुटी पुलिस
डीसीपी सत्याजीत गुप्ता ने बताया कि इस मामले में तीनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहे हैं या नहीं। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। इस घटना ने शहर में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर जैसे आस्था के केंद्र में इस तरह की चोरी से लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।