शिव शंकर सविता- कानपुर के चर्चित बिकरू कांड से जुड़ा एक नाम खुशी दुबे एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह अपराध नहीं, बल्कि संघर्ष से निकली सफलता है। तमाम मुश्किलों और विवादों के बीच खुशी दुबे ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 12वीं परीक्षा 61 प्रतिशत अंकों के साथ पास कर एक नई मिसाल पेश की है। यह उपलब्धि सिर्फ एक परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन हालात पर जीत की कहानी है, जिनमें सामान्य जीवन भी चुनौती बन जाता है। खुशी दुबे ने खुद बताया कि उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई जारी रखी। कोर्ट-कचहरी के चक्कर, केस से जुड़ा मानसिक दबाव और घर में मां की खराब तबीयत इन सबके बीच पढ़ाई करना आसान नहीं था।
2020 में चर्चित बिकरू कांड में आया था नाम
उन्होंने कहा कि कई बार हालात ऐसे बने, जब सब कुछ छोड़ देने का मन हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। खुशी ने कहा “ये मेरी मेहनत और धैर्य का परिणाम है,”। उनके मुताबिक, पढ़ाई ही एक ऐसा रास्ता था, जो उन्हें अंधेरे से बाहर निकाल सकता था। खुशी दुबे का नाम साल 2020 में कानपुर के चर्चित बिकरू कांड के बाद सुर्खियों में आया था। उस समय पूरे देश में इस मामले को लेकर चर्चा थी और कई लोगों की जिंदगी इससे प्रभावित हुई। खुशी भी उन्हीं में से एक थीं, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया और समाज की नजरों का सामना करना पड़ा। ऐसे माहौल में पढ़ाई जारी रखना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी।
अधिवक्ता बनने का है लक्ष्य
इसके बावजूद, खुशी ने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया। उन्होंने बताया कि वह आगे भी पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं और उनका सपना एक अधिवक्ता (वकील) बनने का है। उनका मानना है कि कानून की पढ़ाई करके वह न केवल अपने जीवन को नई दिशा दे सकती हैं, बल्कि समाज में न्याय के लिए भी काम कर सकती हैं। खुशी ने कहा, “मैं चाहती हूं कि मैं कानून के जरिए लोगों की मदद करूं और देश की सेवा करूं।” उनकी यह सोच इस बात का संकेत है कि कठिन हालात इंसान को तोड़ने के बजाय उसे और मजबूत भी बना सकते हैं।