डिजिटल डेस्क- हरियाणा के नूंह जिले से ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को सेशन जज का ड्राइवर बताकर एक परिवार को अपने झांसे में ले लिया और उनसे करीब दो लाख रुपये ठग लिए। मामले का खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक, नूंह जिले के गांव धांधुका निवासी इकबाल ने पुलिस अधीक्षक को दी अपनी शिकायत में बताया कि उसके परिवार के खिलाफ हत्या के प्रयास का एक मामला दर्ज है, जिसमें कुल आठ लोग नामजद हैं। इसी बीच उसकी मुलाकात गांव बाबूपुर निवासी न्याज मोहम्मद के जरिए इमरान नाम के एक युवक से हुई। इमरान ने खुद को फरीदाबाद के सेशन जज का ड्राइवर बताते हुए भरोसा दिलाया कि वह मामले में लगी गंभीर धाराएं हटवा सकता है।
सरकारी फीस के नाम पर वसूले 80 हजार
इमरान ने दावा किया कि वह केस से आईपीसी की धारा 307 (हत्या के प्रयास) को हटवा देगा और पूरे मामले में सिर्फ दो लोगों के नाम ही रहने देगा। उसने यह भी कहा कि बाकी परिवार के सदस्यों को कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अपनी बातों में भरोसा दिलाने के लिए उसने खुद को ‘सरकारी सिस्टम से जुड़ा’ बताया और पीड़ित को यकीन दिला दिया कि उसका काम आसानी से हो जाएगा। आरोप है कि इस काम के लिए इमरान ने “सरकारी फीस” के नाम पर एक लाख 80 हजार रुपये की मांग की। परिवार पहले से ही केस को लेकर परेशान था, ऐसे में राहत की उम्मीद में उन्होंने आरोपी की बातों पर भरोसा कर लिया और तय रकम उसे दे दी। लेकिन समय बीतने के बावजूद न तो केस में कोई बदलाव हुआ और न ही उन्हें किसी तरह की राहत मिली।
पहले की टालमटोल, दबाव बढ़ने पर वापस किए 80 हजार
जब पीड़ित को शक हुआ और उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी और उसके साथी उसे टालने लगे। इतना ही नहीं, आरोप है कि पैसे मांगने पर उसे धमकाया भी गया। हालांकि, दबाव बढ़ने पर न्याज मोहम्मद ने 80 हजार रुपये वापस कर दिए, लेकिन बाकी रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया गया। उल्टा, आरोपियों ने पीड़ित के खिलाफ ही पुलिस में झूठी शिकायत करने की कोशिश की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि इमरान ने खुद को जज का ड्राइवर बताकर पूरी कहानी गढ़ी थी और इसी झूठ के सहारे पैसे ऐंठे थे। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी इमरान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जल्द ही इस ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक भी पहुंचा जाएगा।