पापा… आप जीत गए, मैं हार गया… कानपुर में युवा वकील ने लगाई मौत की छलांग, युवा वकील के सुसाइड नोट ने बयां किया दर्द

शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। महज 23 साल के युवा वकील प्रियांशु श्रीवास्तव ने कोर्ट की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद पूरे कचहरी परिसर में हड़कंप मच गया, वहीं परिवार और जानने वालों के बीच मातम पसर गया। प्रियांशु ने आत्महत्या से पहले अपने पिता के नाम एक भावुक और बेहद पीड़ादायक सुसाइड नोट लिखा, जिसकी शुरुआती लाइन ही दिल चीर देने वाली है “पापा आपको जीत मुबारक, मैं हार गया… आप मेरे शव को हाथ मत लगाना।” इन शब्दों ने न सिर्फ एक बेटे के टूटे हुए मन को उजागर किया, बल्कि एक ऐसे दर्द को सामने रखा, जिसे वह वर्षों से भीतर ही भीतर झेल रहा था।

अपने पिता के साथ कानपुर कचहरी में कर रहा था प्रैक्टिस

जानकारी के मुताबिक, प्रियांशु अपने पिता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव के साथ ही कचहरी में वकालत करता था। उसने हाल ही में लॉ की पढ़ाई पूरी की थी और अपने करियर की शुरुआत कर रहा था। लेकिन उसके सुसाइड नोट में जो बातें सामने आईं, उन्होंने सबको स्तब्ध कर दिया। उसने लिखा कि बचपन से ही उसे मानसिक यातनाएं झेलनी पड़ीं। छोटी-छोटी बातों पर सख्ती, अपमान और डर ने उसके मन में गहरी चोट छोड़ दी थी। सुसाइड नोट में उसने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि बचपन में आम का जूस पीने पर उसे निर्वस्त्र कर घर से बाहर निकाल दिया गया था। उसने लिखा कि माता-पिता की सख्ती जरूरी होती है, लेकिन जब वही सख्ती घुटन बन जाए, तो जिंदगी बोझ लगने लगती है। हर पल शक की नजरों से देखना, हर मिनट का हिसाब लेना और छोटी-छोटी गलतियों पर सजा देना यह सब उसके लिए मानसिक प्रताड़ना बन गया था।

सुसाइड करने से पहले फेसबुक में शेयर की पोस्ट, परिजनों में मचा हड़कंप

घटना वाले दिन प्रियांशु ने दोपहर 12:05 बजे सुसाइड नोट लिखा और करीब तीन घंटे बाद यह खौफनाक कदम उठा लिया। आत्महत्या से महज 15 मिनट पहले उसने अपने फेसबुक स्टेटस पर यह नोट पोस्ट कर दिया था। जैसे ही यह पोस्ट लोगों ने देखी, उसके दोस्तों और साथी वकीलों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने उसे कॉल कर समझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस और न्यायिक अधिकारियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक तनाव का लग रहा है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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