नारी शक्ति के हक में मोदी सरकार अडिग… महिला आरक्षण के समर्थन में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बोला विपक्ष पर तीखा हमला

शिव शंकर सविता- लखनऊ में नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर देश की महिलाओं के साथ अन्याय किया है। प्रेस वार्ता के दौरान खन्ना ने कहा कि नारी शक्ति वंदन विधेयक देश की महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब महिलाओं को उनका हक देने की बात आती है, तो विपक्ष राजनीति करने लगता है।

गृहमंत्री के बयानों का दिया हवाला, कही 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की बात

खन्ना ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सीटों में 50 प्रतिशत तक वृद्धि की जाएगी। इसके बावजूद विपक्ष ने अनावश्यक मुद्दे उठाकर विधेयक को कमजोर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि संविधान में कहीं भी समुदाय के आधार पर आरक्षण देने का प्रावधान नहीं है, लेकिन समाजवादी पार्टी लगातार मुस्लिम महिलाओं का मुद्दा उठाकर ध्यान भटकाने का काम कर रही है। खन्ना के मुताबिक, यह सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है, जबकि सरकार का मकसद सभी महिलाओं को समान अवसर देना है।

यदि विधेयक पारित हो जाता तो 2029 के लोस चुनावों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ जाती- सुरेश खन्ना

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि अगर यह विधेयक पारित हो जाता, तो 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रूप से बढ़ जाती। उन्होंने परिसीमन (डिलिमिटेशन) के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा और कहा कि सरकार परिसीमन के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह प्रक्रिया पहले भी कई बार हो चुकी है और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी है। खन्ना ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक तकनीकी कारणों का हवाला देकर महिला आरक्षण को रोके रखा। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस विधेयक को रोका गया हो अब तक नौ बार इसे पेश किया गया, लेकिन हर बार कांग्रेस के कारण यह पास नहीं हो सका।

विधेयक पारित न होने से सपा-कांग्रेस के बीच दिखी खुशी की लहर- सुरेश खन्ना

उन्होंने यह भी दावा किया कि जब संसद में यह विधेयक पास नहीं हो पाया, तो कांग्रेस और सपा के नेताओं के बीच खुशी का माहौल देखा गया, जो उनकी मंशा को साफ दर्शाता है। खन्ना के अनुसार, विपक्ष महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं है और उसे आने वाले समय में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। अंत में उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखेगी, जिससे देश की महिलाएं राजनीति में बराबरी की भागीदारी हासिल कर सकें।

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