Ayodhya Case Update: बिना वेरिफिकेशन भर्ती और रोज लाखों गबन का बड़ा खुलासा

Knews Desk- अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस मामले में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं। मामले से जुड़े एक पूर्व स्वयंसेवक रविंद्र नाथ ने दावा किया है कि ट्रस्ट में कई कर्मचारियों की भर्ती बिना किसी उचित जांच-पड़ताल के की गई थी।

रविंद्र नाथ के अनुसार, शुरुआती दौर में केवल आधार कार्ड, पैन कार्ड और शैक्षणिक प्रमाण पत्र लेकर ही लोगों को काम पर रख लिया गया था। न तो कोई विस्तृत वेरिफिकेशन हुआ और न ही बैकग्राउंड चेक की प्रक्रिया अपनाई गई। बाद में भले ही प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के जरिए थर्ड पार्टी हायरिंग शुरू हुई, लेकिन व्यवस्था में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चढ़ावे की गिनती से जुड़े कार्यों में अनियमितताएं लंबे समय से चल रही थीं। उनके मुताबिक, रोजाना डेढ़ से दो लाख रुपये या उससे अधिक की राशि संदिग्ध तरीके से गायब हो रही थी। इसकी जानकारी कथित तौर पर ट्रस्ट के कुछ लोगों तक भी पहुंची, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पूर्व स्वयंसेवक ने बताया कि कुछ कर्मचारियों के जीवनशैली में अचानक बदलाव आने लगा था, जिससे टीम के अन्य सदस्यों को शक होने लगा। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट के कर्मचारियों की नियमित जांच या निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे गड़बड़ियों को बढ़ावा मिला।

रविंद्र नाथ ने फरवरी में नौकरी छोड़ दी और वर्तमान में छत्तीसगढ़ में एक स्टील प्लांट में कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि नौकरी पर रखने में कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका थी और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी थी। इस मामले में पहले से ही जांच चल रही है और अब नए आरोपों के बाद प्रशासनिक लापरवाही और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *