Knews Desk- दालमंडी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत पांच मस्जिदों और 54 मकानों पर बुलडोजर चला। मस्जिदों को मजदूरों की मदद से और मकानों को पोकलैंड मशीन व जेसीबी से ध्वस्त किया गया। कार्रवाई सुबह 6:30 बजे शुरू होकर शाम तक चली। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पांच कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरएएफ, 250 पुलिसकर्मी, छह थानों की फोर्स और तीन ड्रोन टीम तैनात रहीं।
पांच मस्जिदों और 54 मकानों पर कार्यवाई
दालमंडी में बुधवार को पांच मस्जिदों और 54 मकानों पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। शाम करीब पांच बजे तक हुई कार्रवाई में मस्जिदों के करीब 40 फीसदी हिस्से तोड़ दिए गए थे। मस्जिदों के हिस्से मजदूरों ने हथौड़ों से तोड़े, जबकि मकानों पर जेसीबी और पोकलेन मशीनें चलाई गईं। सुबह करीब 6:30 बजे डीआईजी शिवहरि मीणा के नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान की ड्रोन से निगरानी की गई और पूरे इलाके में पुलिस-पीएसी तैनात रही। बांस बल्ली और टिन शेड लगाकर गलियों में आवागमन बंद कर दिया गया था।
एक-एक मस्जिद पर लगाए गए 25 मजदूरों

कार्रवाई में चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्सों को तोड़ा गया। इनमें निसारन की मस्जिद, रंगीले शाह की मस्जिद, अली रजा मस्जिद, संगमरमर मस्जिद और मस्जिद मिर्जा करीमुल्लाह बेग शामिल हैं। मिर्जा करीमुल्लाह बेग की 20 फीट ऊंचाई वाली एक मीनार को पहले मजदूरों ने नीचे से तोड़ा और उसके बाद एक बड़ी रस्सी से बांधकर उसे गिराया गया। एक-एक मस्जिद पर करीब 25 मजदूरों को लगाया गया था।
पूर्व पार्षद शाहिद अली मुन्ना ने बताया कि कार्रवाई के दौरान लंगड़ा हाफिज मस्जिद में जो मोअज्जिन और मौलवी बैठे थे, सबके भोजन और पानी की व्यवस्था कराई गई थी। साथ ही पुलिसवालों के लिए भी पीने के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था कराई गई।
पांच मस्जिदों के अलावा 54 भवन भी तोड़े गए हैं। पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चौकस रही।
– अतुल अंजान, एसीपी, दशाश्वमेध।