कौशांबी ब्लास्ट के बाद सामने आया आदिल का पटाखा नेटवर्क, कई गोदाम और फैक्ट्रियों पर प्रशासन की नजर; 11 की मौत

कौशांबी के मोहम्मदपुर गांव में पटाखा गोदाम में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया. हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल हैं. पुलिस ने गोदाम मालिक आदिल समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. जांच में आदिल से जुड़े कई अन्य गोदाम और पटाखा कारखानों की जानकारी सामने आई है.

Knews Desk- कौशांबी के मनौरी बाजार स्थित मोहम्मदपुर गांव में पटाखों के निर्माण और भंडारण के दौरान हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है. धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के कई मकान भी इसकी चपेट में आ गए. हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की.

एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है. मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं. पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों की पहचान की प्रक्रिया जारी है.

विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आसपास के आधा दर्जन से अधिक मकान पूरी तरह या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. धमाके के बाद इलाके में मलबा और सामान बिखर गया. कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है. राहत और बचाव अभियान में NDRF की टीम ने भी हिस्सा लिया.

आदिल समेत छह लोगों के खिलाफ FIR

पुलिस ने पटाखा गोदाम के मालिक आदिल समेत छह लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया है. अब जांच का फोकस इस बात पर है कि पटाखों का निर्माण और उनका भंडारण किन नियमों के तहत किया जा रहा था.

जांच में यह बात सामने आई है कि आदिल से जुड़े मनौरी बाजार में कई गोदाम और कारखाने संचालित हो रहे थे. कुछ जगहों पर पटाखे बनाए जाते थे, जबकि अन्य स्थानों पर तैयार पटाखों का भंडारण किया जाता था. दिवाली नजदीक होने के चलते बड़ी मात्रा में पटाखे जमा किए जाने की भी जानकारी सामने आई है.

हालांकि, धमाका आखिर किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है.

दूसरे गोदामों और कारखानों की भी जांच

हादसे के बाद प्रशासन ने आदिल से जुड़े अन्य ठिकानों की जांच तेज कर दी है. कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है. अधिकारियों को कुछ ऐसे गोदामों की भी जानकारी मिली है, जिन पर बाहर से ताला लगा था, लेकिन अंदर पटाखा बनाने की सामग्री और बारूद मौजूद होने की बात सामने आई.

प्रशासन अब इन सभी स्थानों के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और निर्माण की वैधता की जांच कर रहा है. नियमों का उल्लंघन मिलने पर गोदाम और कारखाने सील किए जा सकते हैं. अवैध निर्माण पाए जाने पर बुलडोजर कार्रवाई की भी तैयारी है.

हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई. बताया गया कि बैंक ऑफ बड़ौदा में कार्यरत एक कर्मचारी अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहता था. विस्फोट में कर्मचारी, उसकी पत्नी और उनके दो बच्चों की मौत हो गई.

इसके अलावा साहू परिवार के पांच सदस्यों के मारे जाने की भी जानकारी सामने आई है. इनमें गया प्रसाद, उनकी पत्नी अनीता और उनके बच्चे जाह्नवी, आदित्य और रवि शामिल बताए जा रहे हैं.

SRN अस्पताल में गंभीर घायलों का इलाज

हादसे में घायल लोगों को प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल समेत अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने SRN अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और मेडिकल कॉलेज प्रशासन को बेहतर इलाज के निर्देश दिए.

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार वर्मा के मुताबिक, कुछ घायलों की स्थिति गंभीर है. दो मरीजों को ICU में वेंटिलेटर पर रखा गया है. वहीं, करीब 50 फीसदी झुलसी एक महिला का बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है.

मृतकों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार की मदद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है. मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने और राहत-बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि उन्होंने कौशांबी के डीएम से फोन पर बात कर जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. फिलहाल पुलिस और प्रशासन हादसे की वजह के साथ-साथ पटाखों के निर्माण, भंडारण, लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच में जुटा है. आदिल से जुड़े दूसरे गोदामों और कारखानों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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