कटिहार के अमदाबाद प्रखंड के बबलाबन्ना गांव में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन ग्रामीणों की परेशानियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। बाढ़ के कारण कई परिवारों के घर जलमग्न हैं और लोग सुरक्षित जगह की तलाश में एक छोटे से कमरे में रहने को मजबूर हैं।
Knews Desk- बिहार के कटिहार जिले में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन अमदाबाद प्रखंड के बबलाबन्ना गांव में लोगों की जिंदगी अभी भी पानी के बीच फंसी हुई है। गांव में चारों तरफ बाढ़ का पानी फैला हुआ है और कई घर पूरी तरह डूब चुके हैं। कुछ मकानों की सिर्फ छत ही पानी के ऊपर दिखाई दे रही है।
बाढ़ से बचने के लिए करीब एक दर्जन लोग एक ही कमरे में शरण लिए हुए हैं। कमरे में जगह बेहद कम है, लेकिन पानी से घिरे इस इलाके में उनके पास फिलहाल यही सुरक्षित ठिकाना है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के साथ लोग किसी तरह दिन और रात गुजार रहे हैं।
गांव की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घरों से बाहर निकलना भी आसान नहीं है। लोगों को आने-जाने के लिए टीन की नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। चारों ओर फैले पानी के कारण रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
बाढ़ ने लोगों की बुनियादी सुविधाओं को भी प्रभावित किया है। पानी में डूब चुके शौचालय इस्तेमाल करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में ग्रामीणों को मजबूरी में वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं। रहने की तंगी के साथ साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि पानी जल्द पूरी तरह उतर जाएगा और वे अपने घरों में वापस लौट सकेंगे। हालांकि, फिलहाल हालात सामान्य होने में समय लग सकता है। बबलाबन्ना की तस्वीरें दिखाती हैं कि बाढ़ का असर केवल मकानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और बुनियादी जरूरतों को भी बुरी तरह प्रभावित करता है।