KNEWS DESK – पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड को लेकर अब इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के परिवार की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस मामले ने एक बार फिर दोनों परिवारों के दर्द को चर्चा में ला दिया है।
‘जमानत से बढ़ा आरोपियों का हौसला’ – उमा रघुवंशी
राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने कहा कि यदि पहले से ही सख्त कार्रवाई और जमानत न मिली होती, तो शायद ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों को यह विश्वास था कि कुछ समय बाद वे जेल से बाहर आ जाएंगे, जिससे उनका मनोबल बढ़ा और उन्होंने अपराध को अंजाम दिया।
उमा रघुवंशी ने कहा कि वह केतन अग्रवाल की मां के दर्द को गहराई से समझ सकती हैं, क्योंकि वह खुद भी इसी तरह की त्रासदी से गुजर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके पुराने घावों को फिर से हरा कर गई है।
परिवार को याद आया पुराना दर्द
राजा रघुवंशी के भाई सचिन रघुवंशी ने कहा कि केतन अग्रवाल हत्याकांड ने उनके परिवार के पुराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस घटना को देखकर उन्हें अपने भाई राजा रघुवंशी की हत्या की याद आ गई, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
पीड़ित परिवार से मिलने पुणे जाएगा रघुवंशी परिवार
सचिन रघुवंशी ने बताया कि उनका परिवार जल्द ही पुणे जाकर केतन अग्रवाल के परिजनों से मुलाकात करेगा और उन्हें सांत्वना देगा। उन्होंने कहा कि किसी अपने को खोने का दर्द वही समझ सकता है, जिसने खुद यह पीड़ा झेली हो।
जमानत नीति पर उठाए सवाल
सचिन रघुवंशी ने अपने बयान में कहा कि यदि कुछ मामलों में जमानत को लेकर सख्ती बरती जाती, तो अपराधियों के मन में डर बना रहता। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में नरमी से गलत संदेश जाता है और अपराध करने वालों का हौसला बढ़ सकता है।
राजा रघुवंशी परिवार ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में तेज और कठोर न्याय जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह के अपराध करने की हिम्मत न कर सके।