Knews Desk– बरेली में आयोजित बीजेपी के पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन में कार्यक्रम शुरू होने के दौरान सभागार में कई कुर्सियां खाली दिखाई दीं। सम्मेलन की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सम्मेलन में खाली कुर्सियों का जिक्र करते हुए बीजेपी पर राजनीतिक टिप्पणी की।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में दावा किया कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली रह गईं और मंच पर मौजूद बीजेपी सांसद तथा स्थानीय नेता लोगों के आने का इंतजार करते रहे। उन्होंने महाराष्ट्र से आए कथित भ्रष्टाचार के पैसे का भी जिक्र किया और बीजेपी पर आरोप लगाए। अखिलेश ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता बीजेपी के कथित ‘पाप के पैसे’ को स्वीकार नहीं करना चाहती। उन्होंने इसे PDA समाज की ओर से बीजेपी को ‘हकीकत का आईना’ दिखाना बताया।सम्मेलन का आयोजन पिछड़ा वर्ग समाज कल्याण समिति की ओर से किया गया था। कार्यक्रम में बीजेपी सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार समेत कई नेता मौजूद थे। कार्यक्रम शाम पांच बजे शुरू होना था, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक लोगों के पहुंचने का इंतजार किया गया। इसके बाद करीब 6:30 बजे सम्मेलन शुरू हुआ।कार्यक्रम में खाली कुर्सियों को लेकर जब बीजेपी सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सम्मेलन का आयोजन उनकी ओर से नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि आयोजकों की ओर से उन्हें कार्यक्रम में बुलाया गया था और व्यवस्था की जिम्मेदारी भी आयोजकों की ही थी।
छत्रपाल सिंह गंगवार ने सम्मेलन के उद्देश्य को लेकर कहा कि पिछड़ा वर्ग समाज को संगठित और मजबूत करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने पिछड़ेपन को केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं मानने की बात कही। उनके मुताबिक समाज के अलग-अलग वर्गों में आर्थिक रूप से कमजोर लोग हैं और उनकी समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद बरेली में समाजवादी पार्टी ने भी बीजेपी पर हमला बोला। सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में बीजेपी सरकार के दौरान पिछड़े समाज के अधिकारों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने आरक्षण के नियमों की अनदेखी और संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर किए जाने का आरोप लगाया। हालांकि, ये सपा जिलाध्यक्ष के राजनीतिक आरोप हैं और इस मामले में बीजेपी की ओर से उनका अलग जवाब सामने आना बाकी है।
कांग्रेस नेताओं ने भी सम्मेलन में कम भीड़ को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता पंडित राज शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटने से बीजेपी के जनाधार को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने रोजगार, किसानों की समस्याओं, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा।राज शर्मा ने आरोप लगाया कि बीजेपी बड़े कार्यक्रमों के जरिए जनसमर्थन का माहौल दिखाने की कोशिश करती है, जबकि जमीन पर तस्वीर अलग है। यह कांग्रेस प्रवक्ता का राजनीतिक आरोप है।बरेली में सम्मेलन की खाली कुर्सियों को लेकर शुरू हुई यह राजनीतिक बयानबाजी ऐसे समय सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। अलग-अलग राजनीतिक दल संगठन और अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने के लिए लगातार कार्यक्रम कर रहे हैं। ऐसे में एक स्थानीय सम्मेलन की तस्वीरों ने भी राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है।