उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, पश्चिम एशिया में चल रहे विवाद के कारण गैस और अन्य ऊर्जा संसाधनों की सप्लाई प्रभावित हुई है, इस वैश्विक संकट से निपटने के लिए भारत सरकार ऊर्जा के सीमित इस्तेमाल पर जोर दे रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना की एक रैली के दौरान ऊर्जा बचत की अपील की थी, उनके बयान के बाद सभी राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर इस संकट से निपटने की तैयारी में जुट गई है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े स्तर पर आयात पर निर्भर है, पश्चिम एशिया में तनाव के चलते सप्लाई चेन बाधित हुई है, जिससे घरेलू स्तर पर दबाव बढ़ा है. केंद्र सरकार लगातार पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात कह रही है. प्रधानमंत्री की अपील के बाद राज्य सरकारें भी कंधे से कंधा मिलाकर ऊर्जा संरक्षण के उपाय लागू करने में जुटी हैं. इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य सरकार का फोकस भी ऊर्जा संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल पर है ताकि वैश्विक संकट का असर कम से कम हो पाए, जिसके चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बीते दिन आयोजित की गई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये है. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की गई, जिससे सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद की जा रही है. मुख्यमंत्री धामी के द्वारा प्रदेश की जनता से सीमित रूप से वस्तुओं के उपयोग की अपील की है. मुख्यमंत्री धामी के अनुसार राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए ऊर्जा संसाधनों की बचत सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से की गई अपील केवल आर्थिक बचत के लिए नहीं बल्कि आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. वही कैबिनेट बैठक में निर्णय लेने के बाद राज्य में सत्ताधारी दल के नेता और कार्यकर्ता भी ऊर्जा बचत अपनाते नजर आ रहे हैं. कई नेता चार पहिया वाहन छोड़ दोपहिया और इलेक्ट्रिक वाहनों से चल रहे हैं. लेकिन प्रदेश की राजनीति में विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरता नज़र आ रहा हैं.
पश्चिम एशिया में तनाव से गैस और ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत सरकार ऊर्जा के सीमित इस्तेमाल पर जोर दे रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तेलंगाना में रैली के दौरान ऊर्जा बचत की अपील की गई थी, इसके बाद राज्य सरकारें केंद्र के साथ संकट से निपटने में जुटती नज़र आ रही है. उत्तराखंड में भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में ऊर्जा-ईंधन बचत पर अहम निर्णय लिए गए. मुख्यमंत्री ने जनता से सीमित उपयोग की अपील करने व सामूहिक ऊर्जा बचत को उत्तरदायित्व बताया है.कैबिनेट फैसले के बाद भाजपा नेता भी चार पहिया छोड़ दोपहिया और ई-वाहनों से चल रहे हैं. स्वयं मुख्यमंत्री धामी द्वारा कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए सचिवालय पहुंचने के लिए फ्लीट कम कर दी गई, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिर्फ पांच गाड़ियों के साथ कैबिनेट बैठक में पहुंचे, तो वहीं पहले मुख्यमंत्री की फ्लैट में 8 से 9 गाड़ियां चलती थी.वही अन्य मंत्री सहित आलाधिकारी दो पहिया के सहारे नहीं तो अपने दफ्तर पैदल चल कर पहुंच रहे है.साथ ही विपक्षी दल इस निर्णय को सरकार की नाकामी बताते नजर आ रहे है.
उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में ऊर्जा और ईंधन बचत को लेकर तमाम महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. जिसके तहत एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ होगा. इसके अलावा मुख्यमंत्री एवं मंत्री गणों के फ्लीट में शामिल होने वाले वाहनों की संख्या को आधा किया जाएगा. सरकारी कर्मचारी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे.वही इस फैसले का विपक्षी दल सरकार की नाकामियां बता रहे है.अब सवाल यह है, की आखिर देश और प्रदेश की स्थिति में आखिर कब तक सुधर आ सकेगा या धामी सरकार का अपनी कैबिनेट में लिया फैसला आखिर कब तक भाजपा व अन्य नागरिकों में कितना असर दर साबित होगा।