रूस-गल्फ में नौकरी का लालच, 2 लाख की डील और टूरिस्ट वीजा… 63 पासपोर्ट के साथ गिरोह का भंडाफोड़

Knews Desk – बिहार के मधुबनी में पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पासपोर्ट हासिल करने वाले एक कथित गिरोह का खुलासा किया है। घोघरडीहा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 63 मूल पासपोर्ट, एक बाइक, चार मोबाइल फोन और पांच खाली रजिस्ट्री लिफाफे बरामद किए हैं। मामले में गिरोह के कथित सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक ग्रामीण डाककर्मी भी शामिल है।

मधुबनी के एसपी योगेंद्र कुमार के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे पुलिस हनुमान चौक के पास वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान शत्रुपट्टी की तरफ से बाइक पर सवार दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किसनीपट्टी निवासी मोहम्मद इरशाद और शत्रुपट्टी निवासी रफी अहमद के तौर पर हुई है। तलाशी के दौरान उनके बैग से अलग-अलग राज्यों और जिलों के 63 मूल पासपोर्ट मिले। इसके साथ पांच खाली रजिस्ट्री लिफाफे और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।

नौकरी के नाम पर जुटाते थे पासपोर्ट

पुलिस पूछताछ में इरशाद ने कथित तौर पर बताया कि उसके पिता मोहम्मद आरजू की मदद से विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों के पासपोर्ट मंगवाए जाते थे। इन पासपोर्ट को बाद में पटना, कानपुर, पंजाब और महाराष्ट्र में सक्रिय एजेंटों तक पहुंचाया जाता था। पूछताछ के दौरान कानपुर के मयंक और श्रवण नाम के एजेंटों का भी जिक्र हुआ है।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छापेमारी कर कथित मुख्य सरगना मोहम्मद आरजू और ग्रामीण डाककर्मी मोहम्मद अदनान हुसैन को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए।

पुलिस के मुताबिक, आरजू के रूस में रहने के दौरान अंतरराष्ट्रीय एजेंटों से संपर्क बने थे। आरोप है कि वर्ष 2024 से वह डाककर्मी की कथित मिलीभगत से विदेश में रोजगार दिलाने का झांसा देकर लोगों के पासपोर्ट हासिल कर रहा था। इसके बदले प्रत्येक पासपोर्ट के लिए करीब 2 लाख रुपये लिए जाने की बात सामने आई है।

टूरिस्ट वीजा से विदेश भेजने का आरोप

जांच में पुलिस को आशंका है कि गिरोह टूरिस्ट वीजा के जरिए लोगों को अवैध तरीके से विदेश भेजने के नेटवर्क से जुड़ा था। आरोप है कि विदेश पहुंचने के बाद लोगों के पासपोर्ट अपने कब्जे में रख लिए जाते थे और उन्हें घरेलू या दूसरे कामों में लगाया जाता था।

पूछताछ में कुछ लोगों को युद्ध प्रभावित इलाकों में भेजे जाने की आशंका से जुड़े तथ्य भी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। हालांकि, इस पहलू की जांच अभी जारी है।

घोघरडीहा थाना पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर ली है। गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। अब पुलिस पटना और कानपुर से जुड़े एजेंटों की तलाश कर रही है।

नेपाल सीमा से सटे मधुबनी में इस तरह के कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी अहम माना जा रहा है। पुलिस गिरोह की पूरी कड़ी खंगालने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

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