Knews Desk- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर स्याही फेंकने का मामला सामने आया है। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने स्याही फेंकने वाली महिला को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, अभिजीत दिपके जंतर-मंतर पर एक सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी एक महिला ने मंच की ओर बढ़कर उन पर स्याही फेंक दी। स्याही गिरते ही कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों में हलचल मच गई और कुछ लोग मंच की तरफ पहुंच गए। हालांकि, पुलिस और आयोजकों ने स्थिति को संभाल लिया।
https://www.instagram.com/reel/Da7Vt65NX8B/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA==
फिलहाल पुलिस महिला की पहचान और उसके इस कदम के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी हुई है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला ने किस उद्देश्य से यह कार्रवाई की और क्या वह किसी संगठन या समूह से जुड़ी हुई है।
यह घटना उस समय हुई जब सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के बाद वहां राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ था। वांगचुक लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। उनका आंदोलन परीक्षा में कथित अनियमितताओं और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर चल रहा था। सोनम वांगचुक को उनके प्रस्तावित संसद मार्च से करीब 48 घंटे पहले पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया। यह मार्च संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित था। पुलिस के अनुसार, वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल निगरानी के लिए अस्पताल ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि वांगचुक करीब 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। इस दौरान उनकी सेहत में गिरावट आई थी। उनकी निगरानी कर रहे डॉक्टरों के अनुसार, उपवास के कारण उनका वजन काफी कम हुआ और ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शुगर का स्तर भी प्रभावित हुआ था। इस मामले पर सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अस्पताल में भर्ती किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में अस्पताल में भर्ती करने का स्पष्ट निर्देश नहीं था। उनके अनुसार, अदालत ने केवल स्वास्थ्य की निगरानी और व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही थी।
गीतांजलि ने कहा कि वांगचुक को किसी भी तरह का मेडिकल ट्रीटमेंट देने से पहले परिवार और उनके नियमित डॉक्टरों की सहमति ली जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल उनकी जानकारी के अनुसार कोई बड़ा इलाज शुरू नहीं किया गया है। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई मेडिकल सलाह और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए की गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
अभिजीत दिपके पर स्याही फेंकने की घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जंतर-मंतर पर हुए इस घटनाक्रम ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। जहां एक ओर वांगचुक के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अभिजीत दिपके पर हुई इस घटना की जांच जारी है।