Knews Desk- पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को अमताला इलाके में स्थित सांसद कार्यालय को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का दावा है कि यह निर्माण बिना स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के किया गया था।
कार्यालय को गिराने के दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अमताला-बारुईपुर रोड स्थित इस इमारत को गिराने के लिए तीन JCB मशीनें लगाई गईं। कार्रवाई से पहले पूरे इलाके को बैरिकेडिंग कर घेर दिया गया था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
बिना अनुमति निर्माण का आरोप
प्रशासन की ओर से पहले कार्यालय पर नोटिस चस्पा किया गया था। अधिकारियों का आरोप है कि बिल्डिंग का निर्माण जरूरी अनुमति और स्वीकृत नक्शे के बिना किया गया था। बताया गया कि इस मामले में अभिषेक बनर्जी को दो बार सुनवाई के लिए नोटिस भेजा गया, लेकिन निर्धारित तारीखों पर कोई पेश नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
मौके पर भारी सुरक्षा व्यवस्था
कार्रवाई के दौरान पुलिस, केंद्रीय बल, दमकल विभाग, BDO और BLRO समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया था। प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से इमारत के ढांचे और शेड को हटाया। जानकारी के मुताबिक विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से ही यह कार्यालय बंद था।
17 संपत्तियों को लेकर जारी हुए थे नोटिस
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब कोलकाता नगर निगम (KMC) ने अभिषेक बनर्जी, उनके परिवार से जुड़े लोगों और उनकी कंपनी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ से संबंधित 17 संपत्तियों को लेकर नोटिस जारी किए हैं। इनमें कोलकाता के हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनका आवास ‘शांतिनिकेतन’ भी शामिल है।
इससे पहले बीजेपी ने अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कई संपत्तियों की सूची जारी कर आरोप लगाए थे कि इनमें से कुछ संपत्तियां उनके सहयोगियों के साथ संयुक्त रूप से जुड़ी हुई हैं।
TMC की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं
फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर अभिषेक बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद टीएमसी के कई नेताओं और उनसे जुड़े लोगों की संपत्तियों पर प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली है। इससे पहले दक्षिण 24 परगना में टीएमसी नेता सौकत मोल्ला के बेटे से जुड़े एक कैफे को भी कथित अतिक्रमण के मामले में हटाया गया था।