करना था कोर्ट में सरेंडर, बन गए बिहार के कानून मंत्री

बिहार की नई सरकार में 53 फ़ीसदी मंत्रियों के खिलाफ गंभीर मामले

23 मंत्रियों करीब 72 फ़ीसदी के खिलाफ आपराधिक मामले

कोर्ट में जिस व्यक्ति को आत्मसमर्पण करना था वह कानून मंत्री के रूप में शपथ प्रिया ऐसे में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने का वादा करने वाले नीतीश और तेजस्वी क्या बिहार को शुद्ध कानून व्यवस्था दे पाएंगे ?

जिस सरकार में 53 फ़ीसदी मंत्रियों के खिलाफ गंभीर मामले हो वह सरकार क्या भ्रष्टाचार से बिहार को निजात दिला पाएगा ?

जिस सरकार में 72 फ़ीसदी मंत्रियों ने खुद अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हो उनसे बिहार की जनता क्या उम्मीद करें ?

53 फेस डी मंत्रियों के खिलाफ गंभीर मामले 72 फ़ीसदी मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामलों के साथ क्या बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त अपराध मुक्त सुशासन जैसी व्यवस्थाएं मिल पाएंगे ?

राष्ट्रीय जनता दल कोटे से विधान परिषद सदस्य कार्तिकेय सिंह 16 अगस्त को अपहरण के मामले में कोर्ट से वारंट जारी किया गया था और कोर्ट में सरेंडर करना था लेकिन 16 अगस्त को ही कार्तिकेय सिंह कानून मंत्री के रूप में बिहार सरकार में शपथ ली

 

 

बिहार में सुशासन कानून व्यवस्था बदहाली से उबारने का संकल्प 10 लाख युवाओं को रोजगार नौकरी देने का वादा जैसे तमाम मुद्दों के साथ दो धुर विरोधी पार्टियों ने मिलकर सरकार बनाई शपथ ग्रहण समारोह हुआ नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री और तेजस्वी यादव उप मुख्यमंत्री की शपथ ली इसी बीच मंत्रिमंडल में एक ऐसा चेहरा भी शपथ लिया जिसको शपथ ग्रहण से पहले अपहरण के एक मामले में कोर्ट में हाजिर होना था लेकिन सरेंडर करने के बजाए सरकार में कानून मंत्री के रूप में शपथ ली ऐसे में कानून व्यवस्था देने का वादा करने वाली सरकार से कितनी अपेक्षा की जाए

बिहार में दो ऐसे राजनीतिक दल जो एक दूसरे के धुर विरोधी के रूप में जाने जाते हैं हालांकि कुछ साल पहले ही दोनों पार्टियों की मिली जुली सरकार थी लेकिन बाद में फिर से नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल से गठबंधन तोड़ कर भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाई और एक दूसरे पर नीतीश और लालू तेजस्वी तेजप्रताप पर जुबानी जंग आरोप-प्रत्यारोप के दौर लगातार जारी रहे समय का चक्र बदला फिर से धुर विरोधी पार्टियां एकजुट हो गई एक मंच पर आई और सरकार बनाई बिहार में सरकार बनाने से पहले नीतीश और तेजस्वी दोनों ने बिहार की जनता से वादा किया था कि बिहार में कानून व्यवस्था का राज होगा 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी बदहाली से बिहार को उबारने के जैसे तमाम मुद्दे संकल्प के साथ सरकार बनाई बिहार के नए कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह के खिलाफ अपहरण के मामले में कोर्ट ने वारंट जारी किया है दर्शन इस मामले में उन्हें 16 अगस्त को कोर्ट में हाजिर होना था लेकिन कार्तिकेय उस दिन मंत्री पद की शपथ ले रहे थे इस मामले में उन्होंने न तो अदालत के सामने आत्मसमर्पण किया और ना ही जमानत के लिए अर्जी जी कार्तिकेय पटना विधान परिषद सीट से आरजेडी के एमएलसी है इस मामले पर जब मुख्यमंत्री जिनको सुशासन बाबू के नाम से भी जाना जाता है ने कहा कि मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है वही बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश तुरंत कार्तिकेय को बर्खास्त करें शपथ ग्रहण के बाद ही नीतीश और तेजस्वी सरकार पर ग्रहण लग गया भाजपा लगातार बिहार सरकार पर आरोप लगा रही है आरजेडी और नीतीश कुमार गठबंधन पर भ्रष्ट मंत्रियों को शपथ दिलाने भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को मंत्री बनाने सहित तमाम मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रही है मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री जवाब देने में असहज लग रहे हैं

बिहार में बने नए मंत्रियों की स्थिति

32 में से 23 मंत्रियों पर क्रिमिनल केस एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार

बिहार में नए मंत्रिमंडल में शामिल 72 फ़ीसदी मंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं एरिया की रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी मिली है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ भी मामले दर्ज हैं बिहार मंत्रिपरिषद के विस्तार के बाद एडीआर और बिहार इलेक्शन वॉच ने मुख्यमंत्री समेत 33 में से 32 मंत्रियों द्वारा 2020 विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे का विश्लेषण किया है एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक जेडीयू नेता अशोक चौधरी को अपना हलफनामा जमा करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह विधान परिषद के मनोनीत सदस्य हैं इसलिए उनकी जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है रिपोर्ट के मुताबिक 23 मंत्रियों कुल 72 फ़ीसदी ने अपने खिलाफ आखिरी आपराधिक मामले घोषित किए हैं 17 मंत्रियों में 53 फ़ीसदी ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं 32 में से 27 मंत्री करीब 84 फ़ीसदी करोड़पति है