डिजिटल डेस्क- बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सिनुआरा गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब चार नाबालिग बच्चे पैरों में मोटी जंजीरें और ताला लगे होने की हालत में बदहवास स्थिति में गांव पहुंचे। बच्चों की यह खौफनाक हालत देखकर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मासूम बच्चों ने रोते हुए आरोप लगाया कि उन्हें बरूआरा स्थित एक मदरसे में बंधक बनाकर रखा जाता था और वहां से भागने की कोशिश करने पर बेरहमी से मारपीट की जाती थी। जानकारी के अनुसार, ये चारों बच्चे मधुबनी जिले के अररिया संग्राम क्षेत्र के रहने वाले हैं और यहां कुरान की तालीम हासिल करने के लिए आए थे।
‘पढ़ाई के बजाय कराते थे शौचालय साफ, घर जाने की बात पर बांध देते थे जंजीर’
पीड़ित बच्चों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि मदरसे में उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता था। उनसे पढ़ाई कराने के बजाय दिनभर शौचालय की सफाई कराना, लकड़ियां (जलावन) काटना और अन्य मजदूरी वाले काम जबरन कराए जाते थे। जब भी वे तंग आकर अपने घर जाने की बात कहते, तो मौलाना और प्रबंधन के लोग उन्हें बेरहमी से पीटते थे और दोबारा भागने के डर से उनके पैरों को लोहे की जंजीरों से बांधकर ताला जड़ देते थे। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान जब मुख्य मौलाना बाहर गए, तब बच्चों को मौका मिल गया। वे किसी तरह मदरसे की ऊंची बाउंड्री वॉल फांदकर अपनी जान बचाकर भाग निकले और सिनुआरा गांव आ पहुंचे।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, पुलिस और चाइल्डलाइन ने बच्चों को कराया मुक्त
मासूमों के पैरों में जंजीर और शरीर पर चोट के निशान देखकर सिनुआरा गांव के ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना पुलिस और चाइल्डलाइन को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और चाइल्डलाइन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित अपनी कस्टडी में लिया। बच्चों के पैरों में बंधी जंजीरों और तालों को कटवाकर उन्हें तुरंत चाइल्ड केयर संस्थान (चाइल्ड शेल्टर होम) सौंप दिया गया है, जहां उनकी काउंसिलिंग की जा रही है और प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन जांच में जुटे, परिजनों को दी गई सूचना
स्थानीय पंचायत के मुखिया रवि रंजन कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्चे बेहद डरे-सहमे हुए थे और उनके शरीर पर मारपीट के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। उन्होंने तुरंत बच्चों के गृह जिला मधुबनी के अररिया संग्राम क्षेत्र के बीडीओ और संबंधित मुखिया को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद बच्चों के परिजनों को सूचित कर दरभंगा बुलाया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मदरसे के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के बयानों के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है और जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषी मौलाना और प्रबंधन के खिलाफ पोक्सो (POCSO) और बंधुआ मजदूरी विरोधी कानूनों के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।