Knews Desk- बिहार सरकार ने राज्य के शहरी विकास और निवेश को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के साथ भूमि स्वामियों को चौगुना मुआवजा और 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया गया है।
सरकार का दावा है कि इस नई नीति से न केवल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश और आधारभूत ढांचे के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूमि मालिकों को बड़ी राहत
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगी कई बाधाओं को हटाया गया है। पहले इन क्षेत्रों में जमीन से जुड़ी प्रक्रिया जटिल होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
नई व्यवस्था के तहत अब भूमि स्वामियों की आकस्मिक वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जमीन खरीद-बिक्री और हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
कौन खरीद सकेगा जमीन
सरकार की नई नीति के अनुसार बिहार राज्य आवास बोर्ड को भूमि खरीदने के लिए अधिकृत किया गया है। इसके अलावा, राज्य और केंद्र सरकार की परियोजनाओं के लिए संबंधित प्राधिकरण जमीन का अधिग्रहण कर सकेंगे।
साथ ही, राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) से स्वीकृत निजी निवेश परियोजनाओं के लिए निवेशकों को भी सीधे भूमि खरीदने या लीज पर लेने की अनुमति दी गई है। इससे औद्योगिक विकास और बड़े निवेश प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुआवजे का नया फॉर्मूला
सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजे की नई दरें तय की हैं।
- शहरी क्षेत्रों में भूमि मालिकों को बाजार मूल्य या सर्किल रेट (MVR) में से जो भी अधिक होगा, उसका दो गुना मुआवजा मिलेगा
- ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर बढ़ाकर चार गुना मुआवजा कर दी गई है
- इसके अतिरिक्त कुल राशि पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी
सरकार का कहना है कि इससे किसानों और भूमि मालिकों को उनकी जमीन का अधिक न्यायसंगत और आकर्षक मूल्य मिलेगा।
जमीन की कीमत कौन तय करेगा
भूमि के वास्तविक बाजार मूल्य को लेकर किसी विवाद से बचने के लिए जिला स्तरीय रैयती भूमि क्रय समिति को जिम्मेदारी दी गई है। यह समिति स्थानीय बाजार दरों के आधार पर जमीन का मूल्य निर्धारण करेगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
किन्हें होगा फायदा
नई नीति के तहत यदि किसी रैयत को आर्थिक जरूरत के कारण अपनी जमीन बेचनी हो, तो बिहार राज्य आवास बोर्ड उसकी भूमि खरीद सकेगा। वहीं सरकारी परियोजनाओं और निजी निवेश योजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता आसान हो जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य में शहरीकरण की प्रक्रिया तेज होगी और रोजगार व निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
11 टाउनशिप का रोडमैप
22 अप्रैल 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने को मंजूरी दी गई थी। इन टाउनशिप का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित रूप देना और बिहार को आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में आगे ले जाना है।
सरकार का दावा है कि यह योजना आने वाले वर्षों में बिहार के विकास मॉडल को नई दिशा देगी और किसानों व भूमि मालिकों को भी आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी।