उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड में जैसे जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे है, वैसे वैसे प्रदेश की सियासत में जुबानी बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ सभी राजनीतिक दल जनता की समस्याओं को दूर करने और अपने काम गिनाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा के कुछ नेताओं के अटपटे बयान अपनी ही पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। दरअसल, ताजा मामला हरिद्वार के लक्सर विधानसभा क्षेत्र से सामने आया है। बीते दिन यहां पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता के जन्मदिन के अवसर पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता जुटे। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी समेत कई भाजपा नेता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं, जिसमें उन्होंने अपने विधायक वाले कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए पानी की टंकियों का निर्माण कराने और लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराने जैसे विषयों को उजागर किया। यही नहीं संजय गुप्ता ने जाहिर किया कि पहले 20 फीट पर गंदा पानी निकलता था, लेकिन उनकी कोशिशों से जनता को साफ पानी मिला। अपने काम गिनाते हुए जब वह उत्साहित हुए तो उनके मुंह से एक ऐसी टिप्पणी निकल गई जो अब चर्चा का विषय बन गई है। संजय गुप्ता ने मजाकिया लहजे में मतदाताओं से कहा कि मेरा पानी पीकर वोट नहीं दिया तो पेट में कीड़े पड़ेंगे। उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई और दूसरी ओर विपक्ष को एक बार फिर भाजपा नेताओं की बयानबाजी पर हमला करने का मौका मिल गया है। विपक्ष का मानना है कि भाजपा नेता के इस बयान कही न कही प्रजातंत्र पर कुठाराघात है साथ ही आगामी चुनावों में हाथ से खिसकती सियासत के डर से अब इस प्रकार के बयानों से जनता को डराने का कार्य किया जा रहा है। जिसके बाद आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला देखने को मिल रहा है।
चुनाव अभी आए भी नहीं की मौजूदा नेताओं के अपने अपने सुर देखने को मिल रहे है.चाहे कोई अपने जिले में काम न होने पर नाराज है.तो कोई पद प्रतिष्ठा के लिए अभी से अपनी सरकार की मुश्किलें बढ़ाता नजर आ रहा है.एक तरफ सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के माध्यम से जन समस्याओं को निपटने का वादा जनता से कर बैठी तो वही अपने ही भाजपा के माननीय पूर्व विधायक अब जनता के बीच जा कर अजब गजब बयान देने से नहीं बाज आ रहे है.ताजा मामला पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता के हैप्पी बथडे का है. अपने काम गिनाते हुए जब वह उत्साहित हुए तो उनके मुंह से एक ऐसी टिप्पणी निकल गई.उन्होंने मतदाताओं से कहा कि मेरा पानी पीकर वोट नहीं दिया तो पेट में कीड़े पड़ेंगे।जब मेने आप के लिए इतने काम किए है तो,बस फिर क्या था विपक्ष ने भी मौका देख सत्ता दल पर सवालो की झड़ी लगा दी,और सत्ता पक्ष पूर्व विधायक जी के बयानों को झुपाये नहीं झुंपा रहा,जिस पर एक बार सरकार के कामो को लेकर नई बहस जारी है.
कुलमिलाकर, लक्सर का यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि चुनावी साल में नेताओं के एक एक शब्द को जनता और विपक्ष दोनों बारीकी से देखते हैं। भाजपा के पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने भले ही इसे मजाक में कहा होगा, यही नही बल्कि वह अपने बयानों से पलटते हुए भी नज़र आये और इस मजाक को मुद्दा बनाकर विपक्ष की साजिश बता रहे है, लेकिन सियासत में मजाक भी गंभीर बहस बन जाती है। भाजपा के लिए चुनौती यह है कि उनके नेता मंच से विकास के मुद्दे उठाएं, न कि ऐसे बयान दें जो विरोधियों को मुद्दा दे दें। वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताकर कई सवाल खड़े कर रहे है। कुछ महीनों बाद प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने है, ऐसे में आने वाले दिनों में भाजपा हो या कोई भी राजनितिक दल, यदि उनके नेता कुछ इसी प्रकार की टिप्पणी या बयान देते है तो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अपने नेताओं की बयानबाजी पर लगाम लगानी होगी, वरना इसका फायदा विपक्ष चुनाव में उठा सकता है और नुक्सान खुद की पार्टी को उठाना पड़ सकता है।